मथुरा। लगभग पांच दशक से राजकीय संग्रहालय की अंधेरी कोठरी में बंद महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू और लाल बहादुर शास्त्री के अस्थि कलश यहां गैलरी में सजेंगे। संग्रहालय आने वाले पर्यटक अब इन कलश के दर्शन कर सकेंगे। 30 जनवरी 1948 को देश के बापू (महात्मा गांधी) की मौत हुई। उनकी अंतिम इच्छा के अनुरूप उनकी अस्थियों को यमुना में प्रवाहित करने के लिए 12 फरवरी 1948 को अस्थि कलश मथुरा में लाया गया था। अस्थियां प्रवाहित कर दी गई और इस कलश को डीएम कार्यालय में रखवा दिया गया। 1970 में ये कलश राजकीय संग्रहालय में लाया गया। इसी प्रकार पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का अस्थि कलश 1964 में और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का अस्थि कलश 1966 में मथुरा के राजकीय संग्रहालय पहुंचा।
विडंबना ये रही कि तभी से ये अनमोल धरोहर संग्रहालय की कोठरी में बंद हैं। इन महापुरुषों के जन्मदिन पर ये कलश प्रदर्शन के लिए बाहर लाए जाते हैं लेकिन अब संग्रहालय ने इन कलशों को स्थायी तौर पर गैलरी में लगाने का निर्णय लिया है।
‘महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू और लाल बहादुर शास्त्री के अस्थि कलश पर्यटकों के देखने के लिए गैलरी में लगाए जाएंगे। जल्द ही ये कलश पर्यटकों को देखने के लिए सुलभ होंगे।’
डा.एसपी सिंह, उपनिदेशक, राजकीय संग्रहालय मथुरा