एक आधार नंबर ने जिले के तमाम किसानों को कर्जमाफी की सूची से बाहर कर दिया है। आलम यह है कि कई किसानों ने एक ही जमीन पर दो-दो बार कर्ज ले लिया और अब आधार से उनका डाटा मैच हो गया है। जिले में करीब छह हजार किसान ऐसे मिले हैं, जिन्होंने दो-दो जगह से कर्ज लिया है। प्रशासन से डाटा मिलान करने के बाद ऐसे किसानों को कर्जमाफी की सूची से आउट कर दिया है।
प्रदेश सरकार की ऋण मोचन योजना का लाभ उन किसानों को दिया जा रहा है, जिनके आधार नंबर बैंक में फीड किए गए हैं। जिले में अब तक 19 हजार किसानों ने अपने आधार बैंकों को नहीं दिए हैं। वहीं आधार ने किसानों का खेल पकड़ा है। जिले में 6283 किसान ऐसे मिले हैं, जिन्होंने दो बैंकों से कर्ज लिया है। जब कर्ज माफी की सूची तैयार की गई, तो सॉफ्टवेयर के जरिए ऐसे किसानों को आधार नंबर से ट्रेस कर लिया गया। ऐसे किसानों को कर्ज माफी से वंचित कर दिया गया है। आलम यह है कि प्रशासन से ऐसे किसानों को कर्ज माफी की सूची से आउट कर दिया है। अब तक जिले में 21 हजार किसानों को कर्जमाफी का लाभ मिल सका है। दूसरे चरण में 10 हजार किसानों को चिन्हित किया गया है।
किसानों को सता रही चिंता
आधार कार्ड मैच होने के बाद पोल खुलने पर तमाम किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। दरअसल, नियम के मुताबिक एक जमीन पर पहला कर्ज चुकाए बिना दोबारा कर्ज नहीं लिया जा सकता। यह अपराध की श्रेणी में आता है। अब किसानों को चिंता सता रही है कि कहीं उनके खिलाफ प्रशासन कोई कार्रवाई न कर दे।
आंकड़ों पर नजर
21457 को मिल चुका है लाभ
10517 किसानों को दूसरी सूची में किया गया है शामिल
19086 किसानों ने नहीं जमा किया आधार
63000 किसानों को मिलेगा कर्ज माफी
150 करोड़ पहले चरण में किया गया आवंटित
450 करोड़ रुपये किए जाएंगे ऋण माफी पर खर्च