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केरला एक्सप्रेस में मिला एटा से अपहृत बच्चा

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आगरा। एटा के सकीट के गांव नगला इंदी से 27 जुलाई को अपहृत पांच साल का बच्चा अर्जुन केरला एक्सप्रेस में मिला। उसे 29 जुलाई को दो बदमाश छोड़ गए थे। जीआरपी ने बच्चे को रोते देखा तो चाइल्ड लाइन को सूचना दी। चाइल्ड लाइन ने बच्चे को बाल गृह में रखा।
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अमर उजाला में उसके अपहरण की खबर पढ़कर चाइल्ड लाइन के पदाधिकारियों ने एटा पुलिस से संपर्क किया। मंगलवार को बच्चा पुलिस को सौंप दिया गया। माना जा रहा है कि बदमाश किसी और बच्चे का अपहरण करना चाहते थे, गलती से उसे उठा ले गए।

किसान कुंवरपाल का यूकेजी में पढ़ने वाला बेटा अर्जुन उर्फ अंशुल स्कूल से घर लौटते समय उसकी बड़ी बहन शशी के सामने अगवा कर लिया गया था। उसे कार में डालकर ले गए थे बदमाश। पुलिस उसकी तलाश में लगी थी। परिवारीजन बेचैन थे। फिरौती के लिए कोई खत या फोन नहीं आया था।
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आशंका बन रही थी कि अपहरण के पीछे रंजिश तो नहीं है। हालांकि अर्जुन के परिवारीजन इससे इंकार कर रहे थे। उधर 30 जुलाई को आगरा के बरहन इलाके में बदमाश एक बच्चे के साथ दिखाई दिए। पुलिस के आने पर भाग निकले। माना गया कि यह बच्चा अर्जुन है। अमर उजाला में 31 जुलाई के अंक में इसकी खबर छपी थी।

इस पर चाइल्ड लाइन ने एटा के सकीट थाना की पुलिस से संपर्क किया। चाइल्ड लाइन के प्रभारी नरेंद्र परिहार ने बताया कि बच्चे का फोटो व्हाट्स एप से सकीट पुलिस को भेजा गया। पुलिस ने तसदीक किया कि यह बच्चा अर्जुन है। इस पर मंगलवार दोपहर सकीट थाना की पुलिस बच्चे को आगरा आकर चाइल्ड लाइन से ले गई।

दो अंकल लाए थे मुझे
आगरा। अर्जुन सिर्फ इतना बता पा रहा है कि उसे दो अंकल कार में डालकर ले आए थे। उसे धमकी दी गई थी कि शोर मचाया तो उसकी पिटाई की जाएगी। वह चुप बैठा रहा। उसे खाने के लिए बिस्कुट दिया गया था।

तो वह बच्चा कौन है
आगरा। अब सवाल यह है कि अगर अर्जुन को बदमाश 29 को ही छोड़ गए थे तो वह बच्चा कौन है जो 30 जुलाई को बरहन के जंगल में बदमाशों के पास देखा गया। पुलिस तभी से उन बदमाशों की तलाश कर रही है।
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