मथुरा। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की मांग करते हुए जिले के शिक्षामित्रों ने बुधवार को कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। नारेबाजी करते हुए शहर में जुलूस निकाला। टैंक चौराहा पर कुछ देर के लिए जाम भी लगाया। इस दौरान पुलिस से इनकी तीखी नोक-झोंक भी हुई।
सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द कर दिया। इससे नाराज अलग-अलग गुटों में शिक्षामित्रों ने कलक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया। आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष दुष्यंत सारस्वत ने किया।
वहीं प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष खेम सिंह चौधरी, ब्लाक अध्यक्ष राजकुमार चौधरी के नेतृत्व में शिक्षामित्रों ने पहले शहर में रैली निकालकर विरोध जताया। फिर टैंक चौराहे को कुछ देर के लिए जाम भी किया।
इसके बाद कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। यहां करीब दो घंटे तक शिक्षा मित्र अपनी मांगों को लेकर गरजते रहे। इस दौरान कुछ शिक्षा मित्र डीएम आफिस तक पहुंच गए। पर, ज्यादातर को पुलिस ने मुख्य द्वार पर ही रोक दिया। इसे लेकर पुलिस अफसर और शिक्षा मित्रों में तीखी नोंक-झोंक भी हुई।
सारस्वत गुट ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। इसमें सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को लेकर पुनर्विचार याचिका दाखिल करने और समान कार्य समान वेतन की मांग की गई है। मौके पर जिला मंत्री मुकेश उपाध्याय, संगठन मंत्री पंकज निषाद, हाकिम सिंह, वीरेंद्र सिंह, राजकुमार चौधरी, यतेंद्र सिंह, रेखा चौधरी, राजेंद्र पटेल, ऊषा वर्मा, सविता चतुर्वेदी, दीप्ति, राजेंद्र पटेल मौजूद रहे।
वहीं दूसरे गुट ने एडीएम वित्त रवींद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा। इसमें दीपक गुप्ता, सतेंद्र सिंह, राम कुमार, गिरिजेश कुमार, वेदवीर, सरिता शर्मा, हेमलता शर्मा, सरोज, लक्ष्मी, रेखा, किरन पालीवाल, विमलेश, राजकुमारी, सीमा, गीता, रेखारानी, राधारानी गुप्ता, काजल, सुनीता शर्मा, सुनीता चौधरी आदि मौजूद रहे।