कासगंज। देश में जीएसटी लागू होने के बाद खाद निर्माता कंपनियों की मनमानी पर अंकुश लग गया है। यूरिया की कीमतें कम हो गई है। वहीं कई कंपनियों ने डीएपी की कीमतों में भी कमी की है। ऐसे में किसान को भी राहत मिलेगी।
यूरिया निर्माता कंपनियों की खाद की कीमतों में पहले से ही लगभग समानता चली आ रही थी। सभी कंपनियां 330 रुपये की बोरी की बिक्री कर रही थी। हालांकि अब पांच प्रतिशत जीएसटी लगने के बाद कीमतों में गिरावट आई है। कंपनियों ने तीन रुपये से 3.50 रुपये प्रति बोरी कीमत कम की है। जीएसटी से पहले डीएपी की कीमतों में काफी अंतर था। कुछ कंपनियां 60 रुपये बोरी तक के अंतर से खाद की बिक्री कर रही थी। ऐसे में अधिक कीमतें वसूल रही कंपनियों को अपनी कीमतों में गिरावट लानी पड़ी है। जबकि कुछ कंपनियों ने अपनी कीमतों में कुछ इजाफा किया है।
इसके बाद सभी कंपनियों की खाद की बोरियों में अब अधिकतम 10 रुपये तक का अंतर है। अब खाद के थोक और फुटकर सभी कारोबारियों को अपना जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराना होगा और नई दर से बिक्री करनी होगी। व्यापारियों को कंपनी की पुरानी एवं नई खाद की कीमतों की सूची भी चस्पा करनी होगी। इस अंतर से किसानों को भी लाभ मिलेगा। किसान खेती में सबसे अधिक यूरिया का प्रयोग करता है। यह फसल में तीन से चार बार लगाई जाती है।
खाद निर्माता कंपनी यूरिया के पुराने व नए भाव डीएपी के पुराने व नए भाव
इफ्को 330.00 -326.5 1050.00-1076.00
कृभको 330.00-326.5 1040.50-1076.00
एनएफएल 330..00-326.5 1105.02-1086.5
आईपीएल 330.00-327.00 1090.00-1086.00
जीएसफी 330.00-327.00 1106.36-1076.00
जीएसटी लागू होने के बाद कारोबारी नई दरों से खाद की बिक्री की जाएगी। जीएसटी के पूर्व के स्टॉक को भी नई कीमतों पर बेचना होगा।
सुमित कुमार सिंह चौहान जिला कृषि अधिकारी