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मुलायम की भतीजी जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव वापस

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कलक्ट्रेट पर लगी सपा समर्थकों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मैनपुरी। पूर्व सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव की भतीजी और बदायूं के सांसद धमेंद्र यादव की बहन जिला पंचायत अध्यक्ष संध्या यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश के समर्थन में शपथ पत्र देने वाले सदस्य एकाएक पीछे हट गए। शनिवार को निर्धारित समय से एक घंटे बाद तक कोई भी जिला पंचायत सदस्य डीएम के सामने नहीं पहुंचा। इससे पहले सपा जिलाध्यक्ष ने प्रेस कांफ्रेंस कर अविश्वास प्रस्ताव वापस लेने की घोषणा कर दी।
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उल्लेखनीय है कि एक सप्ताह पूर्व सदर विधायक राजकुमार यादव के नेतृत्व में 23 जिला पंचायत सदस्यों ने जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में शपथ पत्र दिए थे। इनमें से 21 मौके पर मौजूद थे। इसके बाद शनिवार को डीएम यशवंत राव ने मामले के संदिग्ध मानते हुए उक्त सदस्यों को व्यक्तिगत रूप से आने को कहा था।

शुक्रवार रात से दोनों गुट जिला पंचायत सदस्यों की घेराबंदी करने में लग गए। सूत्रों के अनुसार 32 में से 23 सदस्यों ने शनिवार सुबह तक डीएम को जिला पंचायत अध्यक्ष के पक्ष में शपथ पत्र दे दिए थे। इनमें से 13 सदस्य वे थे जिनके बारे में दावा किया जा रहा था कि वे जिला पंचायत अध्यक्ष के विरोध में है। इसकी जानकारी होते ही सपा कार्यालय पर आनन-फानन में प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर जिलाध्यक्ष खुमान सिंह वर्मा ने अविश्वास प्रस्ताव वापस लेने की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि सपा के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर उक्त अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया था। अब केंद्रीय नेतृत्व को हुई गलत फहमी दूर हो गई है। अब उसके आदेश पर उक्त प्रस्ताव को वापस लिया जा रहा है।
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दोपहर एक बजे तक कोई भी जिला पंचायत सदस्य डीएम के बुलाने पर भी कलक्ट्रेट नहीं पहुंचा। जबकि उन्हें 12 बजे तक पेश होने के लिए कहा गया था। इसके बाद डीएम यशवंत राव ने कहा कि बुलाने के बाद भी संबंधित पक्ष का कोई भी जिला पंचायत सदस्य सामने नहीं आया है। अब विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। उनसे जब सपा के अविश्वास प्रस्ताव वापस लेने के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति ने उन्हें इस संबंध में कोई भी जानकारी नहीं दी है। न ही उन्हें इस संबंध में कुछ पता है।

23 में से 13 ने दिए समर्थन में शपथ पत्र
सदर विधायक के नेतृत्व में जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ 23 जिला पंचायत सदस्यों शपथ पत्र दिए थे। इनमें से 13 ने शनिवार सुबह तक डीएम को पुन: शपथ पत्र देते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष का समर्थन करने की बात कही। सूत्रों की मानें तो इनमें से 10 ने रात में ही और तीन ने सुबह डीएम को शपथ पत्र सौंपे।

समर्थकों और भाजपा ने झोंकी पूरी ताकत
जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी बचाने में समर्थकों के अलावा भारतीय जनता पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी। स्थिति यह रही की पूरी रात भाजपा के कद्दावर नेता जिला पंचायत सदस्यों की घेराबंदी में साथ रहे। यही नहीं जब सुबह सपा ने अविश्वास प्रस्ताव वापस लेने की घोषणा की और दोपहर तक डीएम के सामने कोई जिला पंचायत सदस्य नहीं पहुंचा तो जिला पंचायत कार्यालय पर उत्सव का माहौल था।

इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा के कद्दावर नेता भी मौजूद रहे। इनमें पूर्व मंत्री जयवीर सिंह, पूर्व विधायक अशोक चौहान, पूर्व जिलाध्यक्ष शिवदत्त भदौरिया, टीपी मामा, सुजान सिंह यादव, विपिन राज यादव, सतीश यादव, भाजपा नेता अरविंद तोमर, प्रेमसिंह शाक्य युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष सुमित चौहान आदि मौजूद रहे।

रामगोपाल का फूंका पुतला
एक ओर जिला पंचायत कार्यालय में जीत का जश्न मनाया जा रहा था वहीं कुछ अति उत्साहित युुवाओं ने कलक्ट्रेट के तिकोनिया पार्क में सांसद प्रो. रामगोपाल यादव की प्रतीकात्मक अर्थी फूंक डाली। उक्त युवा शिवपाल के समर्थन में और रामगोपाल के विरोध में नारेबाजी कर रहे थे।

अब मैनपुरी और जागीर ब्लाक निशाने पर
जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी बचाने के बाद अब भाजपा नेताओं का अगला निशाना मैनपुरी ब्लाक और जागीर ब्लाक के अध्यक्ष की कुर्सी है। पार्टी सूत्रों की मानें तो इसकी तैयारी भी शुरू कर दी गई है। इंतजार बस सुल्तानगंज ब्लाक प्रमुख के लिए मतदान होने का है। उसका मतदान होने के बाद इन दोनों ब्लाकों के ब्लाक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा।
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