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तिहरे हत्याकांड की जांच के लिए पहुंची एसआईटी

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हत्या - फोटो : अमर उजाला
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एटा।
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जैथरा में छह साल पहले दिनदहाड़े एक परिवार के दो सदस्यों और गार्ड की गोली मारकर हत्या करने के मामले में बुधवार को डीजीपी के आदेश पर लखनऊ से एसआईटी जांच के लिए जैथरा पहुंची। टीम ने यहां मृतकों के परिवारीजनों से लंबी पूछताछ की है। ट्रिपल मर्डर की सीबीसीआईडी जांच में पूर्व मंत्री अवधपाल सिंह, उनका बेटा और दो भाइयों के नाम सामने आए थे। पूर्व मंत्री के भाई अमर पाल सिंह ने डीजीपी ने मामले की जांच दोबारा कराने की मांग की थी।
जैथरा में 10 जून, 2011 को दिनदहाड़े ज्वेलर विजय सिंह वर्मा, उनके बेटे मिथुन और फर्रुखाबाद निवासी निजी गनर संतोष की गोलियां से भून कर हत्या कर दी गई थी। ट्रिपल मर्डर की रिपोर्ट विजय के भतीजे सोनू वर्मा ने दर्ज कराई थी, इसमें पूर्व मंत्री अवधपाल सिंह को नामजद नहीं किया गया था। हत्यारों ने मौके पर ही पूर्व मंत्री अवधपाल सिंह यादव और उनके बेटे रणजीत का नाम लेकर नारेबाजी की थी।
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बाद में विजय वर्मा के गनर संतोष के परिवारीजनों ने कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराते हुए मामले में पूर्व मंत्री अवधपाल सिंह, उनके बेटे और दो भाइयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
सपा सरकार ने सीबीसीआईडी जांच हुई तो आख्या में पूर्व मंत्री अवधपाल सिंह, उनके बेटे और दोनो भाइयों के नाम ट्रिपल मर्डर में जोडे़ गए। इसे राजनीतिक रंजिश बताते हुए पूर्व मंत्री अवधपाल सिंह यादव के भाई अमर पाल सिंह यादव ने डीजीपी से मामले की दोबारा जांच कराने की मांग की थी। बुधवार को डीजीपी के आदेश पर लखनऊ से दो सदस्यीय एसआईटी ने जैथरा आकर मृतकों के परिवारीजनों से पूछताछ की।
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मृतक विजय वर्मा के भाई प्रताप सिंह वर्मा ने बताया कि एसआईटी के इंस्पेक्टर ने पूर्व मंत्री अवधपाल सिंह यादव और उनके परिवार की ट्रिपल मर्डर में संलिप्तता को लेकर कई सवाल पूछे थे। एसएसपी अखिलेश कुमार चौरसिया ने लखनऊ से एसआईटी आने और जैथरा में 2011 में दिनदहाड़े हुए ट्रिपल मर्डर को लेकर मृतकों के परिवारीजनों से पूछताछ की पुष्टि की है।
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