मैनपुरी। बाल श्रम की शिकायत पर नगला पजाबा में जांच करने पहुंची बाल श्रम अधिकारी उस समय दंग रह गई जब उन्हें वहां संबंधित किशोर की शादी की जानकारी मिली। काउंसलिंग कराने के बाद उन्होंने बाल विवाह रोक दिया। लड़की पक्ष की जानकारी लेकर उनसे भी पूछताछ की। दोनों के बालिग न होने तक शादी न करने की हिदायत दी।
जिला प्रोबेशन अधिकारी आचार्य जेके त्रिवेदी ने शिकायत के आधार पर बाल संरक्षण अधिकारी अलका मिश्रा को नगला पजाबा में बाल श्रम की जांच के निर्देश दिए। बाल संरक्षण अधिकारी सामाजिक कार्यकर्ता रानू द्विवेदी, उपेंद्र, मनोज के साथ नगला पजाबा निवासी रामकरन यादव के घर पहुंची तो पता चला कि उनके 15 साल के पुत्र सत्यवीर से बाल श्रम कराने की बात निराधार है।
सत्यवीर के हाथ में कंगन बंधा देख जब पूछताछ की तो पता चला कि सत्यवीर की लगुन हो चुकी है। दो जुलाई को को थाना बिछवां के गांव दौलीखिरिया में बारात जानी है। दौलीखिरिया निवासी प्रमोद कुमार यादव की 14 साल की पुत्री अर्चना के साथ उसकी शादी तय हुई है। अलका मिश्रा ने सत्यवीर के पिता को बाल विवाह पर होने वाली सजा की जानकारी देते हुए विवाह रोकने की बात कही। सत्यवीर के पिता ने उसके बालिग होने पर ही शादी करने की बात कहते हुए लिखित सहमति पत्र भी दिया। बाल संरक्षण अधिकारी ने अर्चना के पिता को भी बाल विवाह न करने की हिदायत दी।