फिरोजाबाद। यूपी में खाद्य और रसद राज्यमंत्री अतुल गर्ग के निर्देश पर सहायक आयुक्त विनीत यादव के नेतृत्व में विगत दिनों रामगढ़ स्थित आईएम ट्रेडर्स पर छापेमारी की गई थी। इसमें लिए गए नमूने फेल हो गए। वहीं, एक जून को गांव सहसपुर में दूध के तीन नमूने लिए थे। ये नमूने भी फेल हो गए।
मिलावटखोर चंद रुपये की लालच में लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। वे रोजमर्रा की चीजों दूध, सरसों तेल, घी, मक्खन, पनीर, मसालों में मिलावट कर रहे हैं। इस पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम आठ जून को सरसों के तेल के गोदाम पर छापेमारी की थी। टीम ने खाद्य तेल और अन्य पदार्थों के छह नमूने लिए थे। साथ ही 3500 लीटर तेल को सीज किया था।
जांच रिपोर्ट में सरसों के तेल और पाम आयल में सिंथेटिक बटर येलो कलर मिला है। छह में से चार नमूने फेल हुए हैं। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीएस कुशवाह ने बताया कि तेल कारोबारी अनीश अली के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी है।
वहीं एक जून को गांव सहसपुर स्थित लला बाबू के दुग्ध संग्रह केंद्र से दूध के तीन नमूने लिए थे। 500 लीटर दूध को नष्ट कराया गया था। जांच रिपोर्ट ने खाद्य सुरक्षा विभाग में खलबली मचा दी थी। दो नमूनों की जांच रिपोर्ट के अनुसार दूध में डिटरजेंट की मिलावट सामने आई है जो स्वास्थ्य के लिहाज से असुरक्षित है। तीसरा नमूना भी फेल हो गया।
दूध में कई तरह की मिलावटें होती हैं। सभी मिलावटों को पकड़ने के अलग-अलग तरीके हैं। खाद्य सुरक्षाधिकारी बीएस कुशवाह ने बताया कि अगर दूध में डिटरजेंट की मिलावट की जांच करनी हो तो नमूने के तौर पर 10 मिलीलीटर दूध और पानी ले। अगर दूध में झाग आ जाए तो समझ लें कि उसमें डिटर्जेंट की मिलावट है। सिंथेटिक मिल्क की पहचान ये है कि उसका टेस्ट कड़वा होगा, जब आप उसे अंगुलियों के बीच रगड़ेंगे तो साबुन जैसा महसूस होगा और जब गर्म करेंगे तो दूध का रंग पीला हो जाएगा।
जो नमूने अक्तूबर में लिए गए थे, उन खाद्य सामग्री की रिपोर्ट मई में आई। इनमें 34 नमूने फेल हुए हैं। अक्तूबर में बंबा चौराहा से सुरेश की दुकान से साबूदाने का नमूना लिया था। इसका नमूना फेल हो गया। अरंाव से राकेश उर्फ कालिया की दुकान से लिया सरसों के तेल का नमूना फेल हुआ है। निजामीबस्ती टूंडला से राकेश पुत्र रामकिशोर हल्दी पाउडर का नमूना फेल हुआ।
महावदेव नगर स्थित न्यू बालाजी इंटर प्रासेस से अमोल ब्रांड का सॉस का नमूना लिया, जिसमें मानव जीवन के लिए रसायन पाए गए। टूंडला में एटा रोड स्थित सुखवीर की दुकान की रिफाइंड का नमूना फेल हुआ है। शिकोहाबाद के बड़ा बाजार में शैलेंद्र कुमार की दुकान से अरहर की दाल का नमूना पूर्व में लिया गया। सरसों के तेल का नमूना जसराना में महावीर की दुकान से लिया, जिनमें जांच रिपोर्ट में रसायन मिले पाए गए।