यह आवाज विनीता मित्तल (70) की थी। वह अपने बेटे अनुराग के साथ डीएम के सामने खड़ी थीं। डीएम ने उन्हें कुर्सी पर बैठाया तो वह फफक पड़ीं। उन्होंने कहा कि जीवनभर की गाढ़ी कमाई से खरीदे गए फ्लैट को किराएदार से खाली कराने के लिए वह दर-दर भटक रही हैं। पुलिस भी राजनीतिक दबाव में किराएदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है।
उन्होंने बताया कि वह जीवन रक्षा पदक से सम्मानित हैं। बेलनगंज के कचौड़ा बाजार स्थित बजरंग अपार्टमेंट में उनका फ्लैट नंबर-6 है। 2023 में उन्होंने अपना यह टू बीएचके फ्लैट खुद को युवा भाजपा नेता बताने वाले तरुण गुप्ता को किराए पर दिया था। एग्रीमेंट खत्म होने के बाद वह फ्लैट खाली नहीं कर रहा है। मेरा बेटा बाहर नौकरी करता है। हम बुजुर्ग हैं। पति बीमार रहते हैं। पुलिस हमें कोर्ट जाने की सलाह दे रही है और थाने के चक्कर लगवा रही है। मैं यहां मर जाऊंगी लेकिन फ्लैट खाली कराने के लिए इस उम्र में कोर्ट नहीं जाऊंगी।
डीएम ने दिए एसीपी और एसीएम से जांच के निर्देश
विनीता मित्तल ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। थाना छत्ता पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट में इस पूरे मामले को आपसी सहमति और सिविल प्रकृति का बताकर पल्ला झाड़ लिया है। पीड़िता द्वारा डीएम कक्ष में जोर-जोर से बोलने के कारण हंगामे जैसी स्थिति बन गई। इस पर डीएम ने मौके से ही पुलिस अधिकारी से बात करके निर्देश दिए कि एसीपी और एसीएम दोनों से इस मामले की संयुक्त जांच कराएं।