कासगंज। पुलिस भर्ती परीक्षा में फर्जी प्रमाणपत्र के साथ 7 अभ्यर्थी पकड़े गए। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित के नाम पर नौकरी करने के लिए भर्ती प्रक्रिया में शामिल हुए थे। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। रिजर्व पुलिस लाइन में पुलिस भर्ती प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों के फिटनेस टेस्ट की प्रक्रिया चल रही है। इसमें शामिल स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित अभ्यर्थी रविन्द्र कुमार पुत्र चिरंजी लाल निवासी ग्राम ग्वालरा, अलीगढ़ के संबंध में भर्ती बोर्ड लखनऊ से उसके प्रमाण पत्र फर्जी होने की सूचना दी गई। जांच में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाण पत्र फर्जी निकला। इस आधार पर 30 व 31 जनवरी तक 17 स्वतंत्रता संग्राम के आश्रित अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र को संबंधित जिलों से व्हाट्सएप के जरिए भेजकर जांच कराई। 7 के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए। एसपी अंकित शर्मा ने बताया कि इनके खिलाफ सोरों थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सभी आरोपी अलीगढ़ के :
रविंद्र कुमार पुत्र चिरंजी लाल निवासी ग्वालरा, तहसील गभाना, अर्पित कुमार पुत्र होशियार सिंह निवासी जलालपुर, तहसील पिसावा, सौरभ सिंह पुत्र राकेश कुमार सिंह निवासी भमरोला, थाना व तहसील खैर, हरिप्रकाश पुत्र भोले शंकर शर्मा निवासी सुबकरा मधुपुर, सत्येंद्र चौधरी पुत्र हरवीर सिंह निवासी गौरई, तहसील इगलास, रिंकू सिंह पुत्र दीपचंद सिंह निवासी मालव, तहसील टप्पल, मोहित चौधरी पुत्र मोहरपाल सिंह निवासी बिसरा थाना व तहसील गभाना। रविंद्र कुमार पुत्र चिरंजी लाल निवासी ग्वालरा, तहसील गभाना, अर्पित कुमार पुत्र होशियार सिंह निवासी जलालपुर, तहसील पिसावा, सौरभ सिंह पुत्र राकेश कुमार सिंह निवासी भमरोला, थाना व तहसील खैर, हरिप्रकाश पुत्र भोले शंकर शर्मा निवासी सुबकरा मधुपुर, सत्येंद्र चौधरी पुत्र हरवीर सिंह निवासी गौरई, तहसील इगलास, रिंकू सिंह पुत्र दीपचंद सिंह निवासी मालव, तहसील टप्पल, मोहित चौधरी पुत्र मोहरपाल सिंह निवासी बिसरा थाना व तहसील गभाना।