प्रमुख सचिव राज्य कर एम. देवराज ने मंगलवार को जयपुर हाउस स्थित राज्य कर कार्यालय में हुई आगरा जोन की समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्देश दिए। बैठक के दौरान प्रमुख सचिव ने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार लगातार निगरानी कर रहे हैं। जिन आवेदनाें के आधार सत्यापित हैं, उनके पंजीयन तत्काल होने चाहिए। बैठक के दौरान उन्होंने रिकवरी पर खास फोकस किया। जोन में करीब 520 करोड़ रुपये का जीएसटी और वैट का बकाया है।
प्रमुख सचिव ने अभियान चलाकर इसे वसूलने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि वसूली का पूरा ब्योरा हर दिन लखनऊ में राज्य कर विभाग भेजा जाए। हर दिन वसूली की समीक्षा होगी और हर दिन के लक्ष्य को पूरा न करने वाले अफसरों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।
बैठक के दौरान राज्य कर के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड 1 पंकज गांधी, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड 2 एसआईबी अंजनी कुमार, एडिशन कमिश्नर अपील रूबी सिंह, गुलाब चंद्र व पारस नाथ के अलावा सभी ज्वाइंट कमिश्नर, खंडों के डिप्टी कमिश्नर मौजूद रहे।
बकायेदारों के घर होगी मुनादी, संपत्ति होगी कुर्क
एडिशनल कमिश्नर ग्रेड 1 पंकज गांधी ने बताया कि बकायेदारों से वसूली के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसमें बकायेदारों के पंजीकृत कार्यालयों या निवास पर मुनादी कराई जाएगी। साथ ही पैसा न जमा कराने वालों की संपत्ति भी कुर्क करने का फैसला लिया गया है।