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कुएं में गिरी वृद्धा, पांच घंटे तक डंडे के सहारे लटकी रही, 'देवदूत' बनकर आया मानसिक बीमार युवक

Fri, 22 Nov 2019 12:31 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
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वृद्धा सोमवती - फोटो : अमर उजाला
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जाको राखे साईयां मार सके न कोय...। यह कहावत फिरोजाबाद के नगला खंगर क्षेत्र के गांव खेड़ा खुर्द निवासी 65 साल की बुजुर्ग महिला सोमवती के लिए सच साबित हो गई। बुधवार को अपनी बकरी की तलाश करने गई वृद्धा एक सूखे कुएं में गिर गई थी। 
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गनीमत रही कि उनका डंडा कुएं के अंदर फंस गया और वृद्धा उसे पकड़कर लटक गई। करीब पांच घंटे बाद वहां घूम रहे एक मानसिक रूप से बीमार युवक ने कुएं से बचाओ-बचाओ चिल्ला कर रही महिला की आवाज सुनी। इसके बाद वो शोर मचाते हुए गांव की तरफ भागा। 

युवक का शोर सुनकर गांव के पास खेतों में काम कर रहे लोग मौके पर दौड़े। उन्होंने कुएं के अंदर झांककर देखा तो वृद्धा को कुएं में डंडे के सहारे लटका थी। लोग उसे कुएं से बाहर निकालकर अस्पताल ले गए। वृद्धा गुरुवार को अस्पताल से अपने घर लौट आई। 
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बकरी को बचाने के प्रयास में हुआ हादसा

इसी कुएं में गिरी थी वृद्धा - फोटो : अमर उजाला
नगला खंगर क्षेत्र के गांव खेड़ा खुर्द निवासी सोमवती (65) पत्नी छकोड़ी बुधवार दोपहर को बकरी चराने नहर किनारे गई थीं। उनकी एक बकरी कुएं में गिर गई। बकरी की तलाश करते हुए वृद्धा नहर किनारे सोनेलाल के खेत में बने सूखे कुएं के पास पहुंची तो खुद भी गिर गई। 

इस दौरान महिला के हाथ में जो डंडा था, वह कु एं के अंदर फंस गया और वृद्धा उस डंडे को पकड़े हुए कुएं में लटक  गई। शाम पांच बजे करीब एक मानसिक रूप से बीमार युवक कुएं के समीप पहुंचा तो कुएं के अंदर से आती आवाज को सुनकर कुएं में भूत बोलते हुए खेतों की ओर दौड़ पड़ा। 

उसकी बात सुनकर ग्रामीणों ने कुएं में झांका तो वृद्धा डंडे को पकड़े हुए लटकी थी। ग्रामीणों ने रस्सी डालकर वृद्धा को कुएं से निकाला और निजी अस्पताल ले गए। गुरुवार को वृद्धा अपने घर पहुंची और पूरी बात बताई। उसकी बकरी कुएं के अंदर ही मर गई।
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