पीछे उसकी पत्नी त्रिशला देवी, मां पुष्पादेवी (65) भी थाने पहुंच गई। उमाशंकर का आरोप है कि थाने पहुंचने के बाद पुलिस ने उसे पीटा तो पत्नी त्रिशला देवी, मां पुष्पादेवी बचाव के लिए आई। इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने पत्नी के साथ अभद्रता की।
मां ने पुलिस वालों को पीटने से रोका तो मां पुष्पादेवी को धक्का मार दिया। इसके कारण पुष्पादेवी जमीन पर गिरकर अचेत हो गई। वृद्धा पुष्पादेवी को अचेत होते ही पुलिसकर्मियों के हाथ पैर फूल गए। उन्होंने हवालात में बंद किए उमाशंकर को तुरंत बाहर निकालने के साथ पुष्पादेवी को ट्रामा सेंटर भेजा। ट्रामा सेंटर में डाक्टर ने वृद्धा को मृत घोषित कर दिया।
परिजन पुलिस पर महिला की हत्या करने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर रहे थे। हंगामा होने पर एसपी देहात महेंद्र सिंह, सीओ सिटी संजय वर्मा, टूंडला सीओ डा. अरुण कुमार सिंह, एसएचओ दक्षिण प्रवेश कुमार सहित ही काफी फोर्स पहुंचा।
पुलिस ने परिजनों को समझाकर किसी तरह तड़के चार बजे करीब शव को पोस्टमार्टम गृह में रखवाया। वृद्धा के शव का पोस्टमार्टम पैनल के माध्यम से कराया। पोस्टमार्टम सूत्रों की मानें तो वृद्धा की मौत हार्टअटैक से हुई है। पुलिस की पिटाई से मौत संबंधी परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी। आकाश के खिलाफ दी तहरीर पर 304 का मामला दर्ज कर लिया है।
मृतका पुष्पादेवी के बेटे उमाशंकर ने सुबह जहां अपर पुलिस अधीक्षक को थाना पुलिस के खिलाफ तहरीर दी थी। पुलिस की पेशबंदी के बीच देर शाम एसएचओ को संबोधित तहरीर में भाषा बदल गई।
थाना प्रभारी निरीक्षक उत्तर के नाम दी तहरीर में पड़ोसी युवक से विवाद के दौरान धक्कामुक्की में मां के बेहोश होने का जिक्र है। कहा गया है कि वो अपनी मां को लेकर थाना उत्तर गया, यहां उनकी तबियत खराब हो जाने के कारण ट्रामा सेंटर में भर्ती करा दिया था। यहां उपचार के दौरान मां की मौत हो गई थी।
आकाश और उमाशंकर के बीच झगड़ा हुआ था। झगड़े को लेकर उमाशंकर अपनी मां पुष्पादेवी, पत्नी त्रिशला के साथ बाइक पर बैठाकर थाने पर गया था। इसी दौरान मां पुष्पादेवी की हालत खराब हो गई थी। उपचार को सरकारी ट्रामा सेंटर ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई।
एसपी ग्रामीण महेंद्र सिंह ने कहा कि थाने में बेटे की पिटाई के दौरान बचाने पहुंची मां पुष्पादेवी की मौत के मामले में डीएम नेहा शर्मा ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। डीएम ने कहा कि महिला की मौत पर परिवार के लोग उनसे मिलने आए थे। उन्होंने इस मामले की जांच नगर मजिस्ट्रेट को सौंपी है।
गौरतलब है कि जिले में 10 दिनों के अंदर पुलिस हिरासत में मौत का यह दूसरा मामला है। इससे पहले 22 नवंबर को थाना मक्खनपुर में एक युवक की मौत हो गई थी। इस मामले में एसएसपी सचिंद्र पटेल ने एसएचओ थाना मक्खनपुर, एसआई और हेड मोहर्रिर को निलंबित कर दिया है।