मथुरा। पार्षदों का गुस्सा थम नहीं रहा है। महापौर और नगर आयुक्त पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सोमवार को 47 पार्षदों ने कलक्ट्रेट और निगम में जमकर हंगामा काटा। उन्होंने नारेबाजी की और ज्ञापन के रूप में अपना सामूहिक इस्तीफा डीएम को सौंपा। डीएम ने पार्षदों की बात शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। हंगामे में केवल विपक्षी पार्षद नहीं थे बल्कि भाजपा के भी पार्षद थे। जिनके द्वारा महापौर और नगर आयुक्त पर आरोप लगाए जा रहे थे ।
एक दिन पूर्व जलकल कार्यालय पर बैठक करने के बाद सोमवार को 47 पार्षद डीएम कार्यालय पर जुट गए। यहां पर उन्होंने महापौर डा. मुकेश आर्य बंधु तथा नगर आयुक्त के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नारेबाजी करते हुए सभी पार्षद कलक्ट्रेट के मीटिंग हॉल तक पहुंच गए। जहां पर कमिश्नर चुनाव संबंधी बैठक ले रहे थे ।
सिटी मजिस्ट्रेट मनोज कुमार ने पार्षदों को मीटिंग हॉल के बाहर ही रोक दिया। इस पर पार्षद वहीं पर जमीन पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। करीब एक घंटे बाद डीएम सर्वज्ञराम मिश्र ने पार्षदों से सामूहिक इस्तीफा का ज्ञापन लिया। डीएम ने पार्षदों की बात शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया और कहा कि यदि वह सामूहिक इस्तीफा देना चाहते हैं तो वह इस्तीफा देने की विधिवत कार्रवाई करें । वह उसे स्वीकार कर लेंगे ।
इसके बाद गुस्साए पार्षदगण निगम पहुंच गए और महापौर कार्यालय के समक्ष नारेबाजी की । हंगामे में विपक्षी पार्षदों के अलावा भाजपा के भी पार्षद थे। हंगामे के दौरान सोनू गौड, रश्मि शर्मा, माला माहौर, उमेश भारद्वाज, रितेश पाठक, मनोज सक्सेना, कुसुमलता,चन्द्रभान, कमला, आकाश महावर, सुरेश धनगर, तुलसीराम यादव, सुरेश धनगर, श्रीपाल बघेल, देवेन्द्री देवी, मुन्ना निषाद, हेमंत भारती, नेमलता, लीलाधर, पवन यादव, रजनी देवी, अंजली कर्दम,
गोविंद दिवाकर, तिलकवीर सिंह, अंशुल यादव, शैली, सूरज तोमर, दीप शिखा, प्रेमवती, नेहा वर्मा, जय शर्मा, पंकज, श्यामवती, नाजिरा, शाहिदा, ध्रुव नारायण शर्मा, श्याम सिंह, कविता शर्मा, विष्णु चौधरी, मीरा मित्तल, प्रेमचंद्र, कुलदीप, दीपक, चंदन आहूजा, लक्ष्मी बघेल आदि रहे।
पार्षदों के यह हैं आरोप
पार्षदों का आरोप है कि 235 करोड़ के बजट को कैबिनेट की सहमति के बिना पास किया गया। महापौर पहले भी बोर्ड बैठक में बिना सहमति के ही कई प्रस्तावों को पास करवा चुके हैं। आरोप है कि कहने के बाद भी वार्डों में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। पार्षदों ने यह भी कहा कि नगर निगम में भ्रष्टाचार व्याप्त है।
पार्षदों के जुटते ही आने लगा महापौर का फोन
पार्षदों के डीएम कार्यालय पर जुटने की सूचना मिलते ही महापौर के फोन पार्षदों के पास आने लगे। जिन पार्षदों के पास फोन आया उनका कहना था कि महापौर अब अपने पास बुला रहे हैं कि उनकी हर समस्या को सुना जाएगा ।
कैबिनेट में पास हो गया है बजट
बजट कैबिनेट में पास हो गया है बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। पार्षदगणों की कोई अंदरूनी पीड़ा है जिसे दूर किया जाएगा ।
डा. मुकेश आर्यबंधु, महापौर