औंछा (मैनपुरी)। पावन अजोम कुंड की बदहाली देकर स्नान करने आए श्रद्धालुओं के आंसू छलक उठे। कभी ये कुंड में भरे पानी से उठती लहरें लोगों को आकर्षित करती थीं। आज गंदगी और जलकुंभी ही इस कुंड का भविष्य बन गई है। देवोत्थान एकादशी पर कुंड में स्नान करने आए लोग वापस लौट गए।
औंछा में च्यवन ऋषि आश्रम के पीछे अजोम कुंड बना हुआ है। ये कुंड 62 बीघा में फैला हुआ है। ऐसी मान्यता है कि इस कुंड में ही च्यवन ऋषि ने च्यवनप्राश का निर्माण किया था। तब से यहां लोग कुंड में स्नान करने के लिए आते हैं। एक मान्यता के अनुसार कुंड में स्नान करने से सभी प्रकार के त्वचा रोग सही हो जाते हैं। इस बार भी देवोत्थान एकादशी पर दूर-दूर से लोग अजोम कुंड में स्नान करने के लिए आए थे।
कुंड की बदहाली देख वे लोग निराश होकर बिना स्नान किए ही लौट गए। हाल ये है कि अजोम कुंड को गंदगी ने अपने कब्जे में लिया है। पूरे कुंड पर जहां जलकुंभी का कब्जा है तो वहीं किनारे पर पॉलिथीन व गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। किसी ने भी इसे साफ कराना जरूरी नहीं समझा।
इससे धीरे-धीरे लोगों की आस्था का एक केंद्र दम तोड़ता जा रहा है। क्षेत्र के लोगों ने कुंड की सफाई कराकर उसका जीर्णोद्धार कराने की मांग की है। मांग करने वालों में रतनेश कुमार, विजयपाल सिंह, विवेक कुमार, धर्मेंद्र कुमार, सुमित, गौरव, विवेक, कमल मिश्रा, आशू यादव शामिल हैं।