एटा। नगर पालिका परिषद में मंगलवार को गुपचुप तरीके से बोर्ड बैठक आयोजित कर पालिका प्रतिनिधियों ने नियमों की धज्जियां उड़ा दीं। बोर्ड बैठक में अधिशासी अधिकारी की गैर हाजिरी में प्रस्तावों को चर्चा कर पारित कर दिया गया। वहीं सभासद और अध्यक्ष प्रतिनिधि में बैठक में शामिल होकर मनमाने तरीके से प्रस्ताव पास कराने की कोशिश की। जबकि ईओ ने उनकी गैरहाजिरी में हुई बैठक को निष्प्रभावी बताते हुए कार्रवाई को निरस्त करने की बात कही है।
दरअसल, नगर पालिका में मंगलवार को आनन फानन में बोर्ड बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में पालिका के बजट को लेकर चर्चा की गई। साथ ही बीती बैठक की कार्रवाई, अप्रैल से जुलाई माह के आय व्यय और शहर के सुंदरीकरण, मेहता पार्क पुस्तकालय में संचालित कांपटेटिव स्टडी सर्किल को लेकर चर्चा हुई। बैठक से अधिशासी अधिकारी लोकेंद्र सिंह समेत 13 सभासद गैर हाजिर रहे, लेकिन पालिकाध्यक्ष ने प्रभारी कर अधीक्षक और 12 सभासदों की उपस्थिति को आधार बनाकर सारे प्रस्ताव पास करा लिए। इसे लेकर पालिका में असमंजस की स्थिति बनी रही। हंगामे की सूचना पर कोतवाली नगर पुलिस मौके पर पहुंच गई। बैठक को लेकर अन्य सभासदों में रोष नजर आया।
सभासद प्रतिनिधियों को मिला प्रवेश
बोर्ड बैठक के दौरान नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ीं। एक महिला सभासद के पति और पुत्र समेत तमाम प्रतिनिधियों ने सभागार में प्रस्तावों पर चर्चा की। इसे लेकर अधिकारी भी अनजान बने रहे।
नोटिस का जवाब देने के लिए हुई बैठक
आननफानन में हुई बोर्ड बैठक को लेकर तमाम कयास लगाए जा रहे हैं। बताया जाता है कि पालिकाध्यक्ष मीरा गांधी को शासन ने विकास कार्य नहीं होने पर नोटिस जारी किया है। जिसका जवाब 15 दिन में देना है। इसका जवाब देने के लिए बैठक की कार्रवाई को शामिल करना जरूरी है।
पूरा नहीं हुआ कोरम
पालिकाध्यक्ष का दावा है कि 12 सभासद और पालिकाध्यक्ष के मौजूद रहने से कोरम पूरा हो गया है, लेकिन 13 सभासदों और ईओ की गैरहाजिरी में हुई बैठक मान्य नहीं है। वहीं बजट को लेकर हुई बैठक में ईओ का शामिल होना आवश्यक है।
ये रहे मौजूद
बैठक में पालिकाध्यक्ष मीरा गांधी, पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि राकेश गांधी, सुनील यादव, अशोक कुमार, विकास, विशेष यादव, रियाज अहमद, फरजाना बेगम, प्रतिनिधि इंतजार हुसैन, कांति देवी, प्रतिनिधि नीरज कुमार, छोटी देवी, शैलेंद्र, इंद्राज, सुनील शर्मा मौजूद रहे।
अलीगढ़ गए थे ईओ
पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि राकेश गांधी ने बताया कि अधिशासी अधिकारी को अचानक मंडलायुक्त की बैठक में अलीगढ़ जाना पड़ा। इसके चलते प्रभारी ईओ की मौजूदगी में बैठक की गई है जिसमें प्रस्ताव पास कराए गए हैं। कुछ सभासद शहर के विकास में रोड़ा बने हैं।
मनमानी नहीं चलेगी
बैठक का विरोध करने वाले सभासद बिजेंद्र गुप्ता का कहना है कि ईओ की अनुपस्थिति में बैठक मान्य नहीं है। प्रतिनिधियों को बैठक में शामिल होने का अधिकार नहीं है। पालिकाध्यक्ष की मनमानी चलने नहीं दी जाएगी।
ईओ बोले
पालिका में बोर्ड बैठक पूरी तरह से निष्प्रभावी है। मुझे आवश्यक कार्य से अलीगढ़ जाना पड़ा, इसलिए बोर्ड बैठक में नहीं पहुंच सका। बैठक की कार्रवाई शून्य मानी जाएगी।
लोकेंद्र सिंह, ईओ, नगर पालिका