मथुरा। साथी की मौत पर भड़के सफाई कर्मचारी गुरुवार को हड़ताल पर चले गए। कूड़ा नहीं उठने से एक ही दिन में महानगर नरक बन गया। सड़कों पर गंदगी ही गंदगी नजर आई। उफने नालों का पानी रास्तों पर आ गया। कई जगह तो नालों का पानी सीधे यमुना में गिरने लगा। वहीं, सफाई कर्मी की मौत के मामले में अज्ञात के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
बुधवार को सीवर टैंक की जहरीली गैस से सफाईकर्मी रूपेश की मौत हो गई थी, जबकि तीन लोग बेहोश हो गए थे। इस घटना के विरोध में सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल का एलान कर दिया। गुरुवार को शहर भर में कहीं कूड़ा नहीं उठाया गया। होलीगेट तथा कई स्थानों पर सीवर का पानी सड़क पर आ गया। वहीं सफाई कर्मचारियों ने पहले दिन वाल्मीकि बस्ती में बैठक कर चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगेे नहीं मानी गईं तो हड़ताल जारी रहेगी।
सफाई कर्मचारी संघ के नेता डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि रूपेश को जिसने भी सीवर टैंक में जाने को कहा था वह दोषी है। लिहाजा उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। उधर, नगर निगम के सफाई निरीक्षक मुकेश यादव की तहरीर पर शहर कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
मृतक रूपेश के घर वालों का आरोप है कि उसकी ड्यूटी होलीगेट पर नहीं थी। फिर उसे होलीगेट पर बुलाकर सीवर में क्यों उतारा गया। वहीं, हड़ताली कर्मचारियों को मनाने के प्रयास सारे दिन होते रहे लेकिन सफाई कर्मचारियों ने कहा कि जब तक रूपेश की पत्नी और भाई को नौकरी, 15 लाख का मुआवजा, दोषी के खिलाफ कार्रवाई और सरकारी आवास नहीं मिल जाएगा उनकी हड़ताल जारी रहेगी।