फिरोजाबाद/जसराना। घर से गुस्सा होकर कासगंज पहुंची महिला को एक परिवार ने मदद देने के एवज में उसे बेच दिया। कार्य कराने के लिए उसे नसीरपुर के हरगनपुर ले जा रहे आरोपियों को थाना पुलिस ने खेरिया अहमद से आरोपियों के साथ बरामद कर लिया। थाना पुलिस ने महिला की तहरीर पर सात लोगों के खिलाफ अभियोग दर्ज किया है।
थाना डिबाई बुलंदशहर के गांव बिलौना निवासी महिला पुतली देवी उर्फ राखी पत्नी सुंदर सिंह सात दिन पहले घर से गुस्सा होकर कासगंज आ गई। कासगंज में उसे भूतेश्वर कालोनी में किराए पर रहने वाले विजय एवं उसकी पत्नी रीना के साथ एक अन्य महिला सुनीता मिल गए। राखी ने तीनों को अपनी कहानी सुनाई तो रीना ने उसे अपने घर में रोक लिया। राखी ने कहा कि अगर उसे कोई काम दिला दे तो वो अपनी जिंदगी काट लेगी।
26 अप्रैल की सायं शाम को एक कार में चार लोग आए और रीना एवं विजय ने उसे कार में बैठा दिया। उसे बताया कि इन्हीं लोगों के घर काम करना है। बाद में लोग आपस में बातें करने लगे कि पैसा देकर नौकरानी मिल गई है। यह बात सुनकर राखी के पैरों तले जमीन खिसक गई। आरोपी महिला को थाना जसराना के गांव खेरिया अहमद लेकर पहुंचे।
महिला ने किसी तरह गांव के एक व्यक्ति से पुलिस को फ़ोन करवाया। सूचना पर पहुंची पुलिस महिला और तीन आरोपियों को लेकर थाने पहुंची। एक आरोपी भागने में कामयाब रहा। राखी ने विजय, रीना, सुनीता के साथ पप्पू उर्फ चक्रपाल, अजब सिंह पुत्र अनोखेलाल निवासी बराखेड़ा थाना मलावन एटा, सर्वेश पुत्र एलम सिंह, धर्मवीर निवासी हरनगनपुर थाना नसीरपुर के खिलाफ अभियोग दर्ज कराया है।