मैनपुरी। बिजली चोरी के मामले में लापरवाही बरतना विवेचक को महंगा पड़ा है। स्पेशल जज ने उसे अदालत में तलब करके बयान दर्ज किए हैं। बयानों की सत्यता जानने के लिए बिजली विभाग के बाबू के बयान भी दर्ज किए गए हैं। थाना कोतवाली के नगला भाऊपुर परौंख निवासी मलखान सिंह के खिलाफ बिजली विभाग के जेई सत्यप्रकाश ने 28 अगस्त 2016 को बिजली चोरी की रिपोर्ट लिखाई थी।
इसके बाद मलखान सिंह ने बिजली विभाग में शमन शुल्क तथा राजस्व 20 सितंबर 2016 को जमा कर दिया। बिजली विभाग के बाबू ने 22 सितंबर को शमन शुल्क जमा करने के संबंध में विवेचक मनीष चिकारा को पत्र भी भेज दिया। विवेचक ने बिजली विभाग के पत्र का संज्ञान लिए बिना 27 नवंबर 2016 को अदालत में चार्जशीट भेज दी। मामले की सुनवाई स्पेशल जज ईसी एक्ट तैयब अहमद की कोर्ट में हुई। बिजली विभाग के वकील देवेंद्र सिंह कटारिया ने विवेचक पर विवेचना के दौरान लापरवाही बरतने की बात अदालत में बताई।
विवेचना में लापरवाही की बात सामने आने पर स्पेशल जज ने मामले के विवेचक मनीष चिकारा तथा बिजली विभाग के बाबू संजय को अदालत में उनका पक्ष जानने के लिए तलब किया। शुक्रवार को स्पेशल जज की मौजूदगी में अदालत में विवेचक तथा बाबू के बयान दर्ज किए गए हैं। बिजली चोरी के आरोप में पुलिस द्वारा चार्जशीट लगाने के बाद मलखान को अदालत से नोटिस भेजा गया। उसको अदालत में हाजिर होकर जमानत करानी पड़ी। जमानत पाने के लिए उसने विवेचक की लापरवाही को आधार बनाया। उसकी अदालत से जमानत मंजूर हो गई है। मामले की अगली सुनवाई करने के लिए 16 अप्रैल की तारीख तय कर दी गई है।