मथुरा। नोटबंदी के दौरान नोटों के घालमेल की शिकायत और फिर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद अब सराफा कारोबारी नीरज अग्रवाल पर वाणिज्य कर विभाग ने भी शिकंजा कस दिया है। इस मामले में विभाग ने खरीद और बिक्री वाले व्यापारियों की डिटेल मांगी है।
नोटबंदी के दौरान सराफा कारोबारियों ने बहुमूल्य धातुओं सोना, चांदी, हीरा और आभूषणों की फर्जी बिक्री दर्शाकर पुराने नोट बैंकों में जमा करा दिए। इस मामले में न्यायालय में शिकायत के बाद कोतवाली में सराफा कारोबारी नीरज अग्रवाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी है। चूंकि मामला नोटबंदी के दौरान फर्जी बिलों के माध्यम से काले धन को खपाने का है ऐसे में ईडी से लेकर आयकर विभाग के अफसर तक सतर्क हैं।
इधर वाणिज्य कर विभाग ने भी अपना शिकंजा कस दिया है। इस मामले में ज्वाइंट कमिश्नर एसआईबी की जांच रिपोर्ट के बाद अब विभाग के प्रशासनिक कार्यालय ने भी पड़ताल शुरू कर दी है। इसके लिए प्रशासनिक कार्यालय ने सराफा कारोबारी को नोटिस जारी कर उन लोगों की डिटेल मांगी है जो विभाग में पंजीकृत नहीं है और जिनसे सोना-चांदी की खरीद या फिर बिक्री की गई है। डिप्टी कमिश्नर लालचंद ने बताया कि कारोबारी द्वारा अभिलेख जमा करने के बाद अपंजीकृत खरीद और बिक्री वाले लोगों का सत्यापन किया जाएगा।
सराफा कारोबारियों ने किया था जमकर घालमेल
मथुरा। नोटबंदी के दौरान सराफा कारोबारियों ने जमकर घालमेल किया। सूत्र बताते हैं इस दौरान कारोबारियों ने अपने स्टॉक की फर्जी बिक्री दर्शाकर पुराने नोटों को बैंकों में जमा किया था। अचानक बिक्री बढ़ जाने के अहम रिकार्ड इस खेल का खुलासा कर सकते हैं।