एटा। हाथरस के रंग और गुलाल से होली पर धमाल होगा। होली का रंग बाजार में छाने लगा है। थोक व्यापारियों के यहां डीलरों की भीड़ उमड़ रही है। इस बार हर्बल और नेचुरल रंगों की डिमांड ज्यादा है। साथ ही होली पर चीन के रंग-गुलाल का बहिष्कार किया जा रहा है।
रंगों के पर्व के लिए बाजार सज चुका है। अभी पिचकारी, हॉरेबल मास्क (डरावने मुखौटे) रंग, अबीर व गुलाल की थोक में खरीदारी चल रही है। बाजार में हाथरस के प्रसिद्ध गुलाल और रंग की खूब मांग है। गुणवत्ता के साथ देशी उत्पादकों ने सस्ता गुलाल, रंग व अबीर बाजार में उतार दिया है। इसके साथ ही हाथरस के ब्रांडेड रंग लोगों की पहली पसंद हैं। कारोबारी दीपक वार्ष्णेय ने बताया कि इस बार रंगों के दाम में कोई उछाल नहीं आया है। बाजार पर मंदी का असर नजर आ रहा है। लोग हर्बल होली को बढ़ावा दे रहे हैं।
होली के साथ मनेगी दिवाली
होली पर्व पर दिवाली भी मनेगी। बाजार में खास तरह का रंग भरा पटाखा आ गया है। कलर फिल पटाखे को खरीदने के लिए युवाओं में क्रेज है। रंग भरे चटाई बम भी बाजार में आ गए हैं। विक्रेता नितिन बताते हैं कि कलर फिल पटाखा बाजार में आया है। इसको जलाने के बाद पटाखे में से गुलाल हवा में उड़ता है। युवाओं में इस पटाखे को खरीदने के दीवाने हैं। इसके साथ स्प्रे और देशी कलर की भी खूब मांग है।
डोरेमॉन लाया पिचकारी
त्योहार के लेकर बाजार में विभिन्न तरीके की पिचकारियां भी आई हैं। अंब्रेला, डोरेमॉन, छोटा भीम समेत तमाम रंग बिरंगी पिचकारियों को डीलर खरीद रहे हैं। बच्चे भी बड़ी पिचकारियों को खरीदने में उत्साह दिखाते हैं।
नहीं चाहिए मेड इन चाइना
इस बार कारोबारी चीन के माल से तौबा कर रहे हैं। रंग व्यापारी अभिषेक कहते हैं कि चीन के रंग-गुलाल बाजार में नहीं हैं। डीलर भी इसकी मांग नहीं कर रहे। ग्राहकों ने समझ लिया है कि चीन का माल सस्ता हो सकता है, मगर लाभदायक नहीं है।
सजने लगे चिप्स, पापड़ के फड़
होली त्योहार को लेकर बाजार में चिप्स और पापड़ के फड़ सजना शुरू हो चुके हैं। बाजार में दुकानदार चिप्स, पापड़, कचरी, सेव, साबूदाना पापड़ की बिक्री कर रहे हैं। इनकी कीमत 50 रुपये से लेकर 200 किलो तक है।