एटा। बड़े व्यापारियों और उद्योगपतियों के बाद अब आयकर विभाग की रडार पर अन्नदाता भी आ गए है। नोटबंदी के बाद से लेकर आज तक बड़े-बड़े लेन-देन करने वाले किसान अपनी आय को कृषि में दिखा रहे हैं। ऐसे तीन सौ से अधिक किसानों को आयकर विभाग ने नोटिस भेजे हैं। इनमें से कुछ तो ऐसे हैं, जिन्होंने नोटिस को नजरअंदाज कर दिया है। ऐसे में उन्हें रिमाइंडर भी भेजा जा चुका है। इतना ही नहीं यह भी रिमाइंडर में 15 दिन की समय अवधि भी दी गई है।
अब कोई भी व्यक्ति आयकर विभाग की निगाह से बच नहीं पाएगा। जिले के तमाम लोगों की एटा से लेकर दिल्ली तक स्क्रीनिंग चल रही है। इनमें बड़े व्यापारी, चिकित्सक, उद्योगपतियों के साथ साथ अब अन्नदाता भी है। प्रथम जांच में साफ हो गया है कि जिन किसानों की आय एक सीमा से अधिक पाई गई है, उनकी आय के स्रोत खेती के अलावा दूसरे है।
आयकर विभाग की मानें तो ऐसे लोग दूसरे स्रोतों से एकत्रित कमाई को कृषि की बताकर कर आयकर जमा करने से बच रहे हैं। ऐसे में जिले के दो लाख 53 हजार 817 किसानों में से तीन सौ छांटकर नोटिस भेजा गया है।
जिले में 23 हजार करते हैं रिटर्न फाइल
यूं तो एटा जिले में करीब 23 हजार लोग रिटर्न फाइल करते हैं। वहीं टैक्स जमा करने वाले महज दो हजार लोग हैं। उनमें से भी अच्छा टैक्स जमा करने वालों की संख्या तो पांच सौ के आसपास रह जाती है।
कर चोरी रोकने पर जोर
आयकर अधिकारी रामदुलारे ने बताया कि कर चोरी पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। जिन किसानों का लेन देन एक सीमा से अधिक पाया गया है, उन्हें नोटिस भेजा गया है। कुछ को रिमाइंडर भी भेजा गया है। हम नहीं चाहते कि किसी के खिलाफ गलत कार्रवाई हो।
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आंकड़ों पर नजर
300 किसानों को भेजा गया आयकर विभाग से नोटिस
2,53,817 है जिले में किसान
23000 लोग रिटर्न करते हैं फाइल
15 दिन का नोटिस में दिया गया है समय