एटा। बुधवार सुबह की पाली में संपन्न हाईस्कूल हिंदी की परीक्षा में तीन मुन्ना भाई दबोचे गए। केंद्र व्यवस्थापक ने इनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करा पुलिस को सौंप दिया। इसी पाली में दयानंद इंटर कालेज भरतौली केंद्र पर एक नकलची के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
भारतीय इंटर कालेज न्यौराई केंद्र पर पीपीएस इंटर कालेज खंगारपुर का परीक्षा केंद्र है। इनमें से तीस छात्रों के प्रवेशपत्रों पर न तो फोटो लगे हैं और न ही प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर। उम्र दराज परीक्षार्थियों को देखकर केंद्र व्यवस्थापक डॉ राघवेंद्र बाबू मिश्र एवं आंतरिक सचल दल को शक हुआ। सख्ती से हुई पूछताछ के बाद दो लोगों ने स्वीकार किया कि वे दूसरे की जगह परीक्षा दे रहे हैं।
सेक्टर मजिस्ट्रेट प्रज्ञा शर्मा ने जब अन्य परीक्षार्थियों से पूछताछ की तो एक और मुन्ना भाई गिरफ्त में आ गया। प्रज्ञा शर्मा के निर्देश पर पीपीएस इंटर कालेज ख्ंागारपुर के प्रधानाचार्य एवं लिपिक को केंद्र पर बुलाया तो बताया कि बोर्ड से फोटो लगकर नहीं आए हैं। प्रवेश पत्र प्रबंधक के द्वारा बांटे गए हैं। सेक्टर मजिस्ट्रेट ने सूचना डीएम को दी। केंद्र व्यवस्थापक ने कोतवाली देहात में तीनों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करा मुन्नाभाइयों को पुलिस को सौंप दिया।
तहरीर के अनुसार अमित कुमार की जगह रमाकांत, लोधामई, अखिलेख कुमार की जगह लोधामई निवासी गौरव एवं सगुन कुमार गुप्ता की जगह पुनीत कुमार परीक्षा दे रहे थे। वहीं दयानंद इंटर कालेज भरतौली केंद्र पर नकल करते पकड़े गए अजय कुमार के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
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पाँच सौ रुपये प्रति पेपर मिलना था
पकड़े गए मुन्नाभाइयों ने बताया कि वे जेडएच डिग्री कालेज में बीएससी के छात्र हैं। उन्हें अचलपुर निवासी राजेश कुमार के कहने पर परीक्षा देने आए हैं। राजेश ने उन्हें परीक्षा देने के बदले पांच सौ रुपये प्रति पेपर तय किए थे।
परीक्षार्थियों को स्कूल तक का नाम नहीं पता
मारहरा। मारहरा के एक परीक्षा केन्द्र पर डीआईओएस एसपी सिंह यादव ने केन्द्र व्यवस्थापक के माध्यम से एक दर्जन छात्रों को चिह्नित किया है, जिनकी उम्र देखने में 35 से अधिक थी, लेकिन प्रवेश पत्र में 18 से लेकर 22 तक दर्शा दी गई है। ऐसे छात्रों को फर्जी मानते हुए पंजीकृत विद्यालय के खिलाफ डीआईओएस ने रिपोर्ट दर्ज कराए जाने की बात कही हैं। हालांकि इससे पहले विद्यालय प्रशासन को पूरे रिकॉर्ड के साथ कार्यालय उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
हिंदी साहित्य के प्रथम प्रश्नपत्र में डीआईओएस एसपी सिंह यादव मारहरा के भगवान देवी आर्या नगला कोठी के परीक्षा केन्द्र पर पहुंचे तो एक दर्जन से अधिक फर्जी छात्रों के परीक्षा देने की सूचना मिली। डीआईओएस ने जानकारी मांगी तो पता चला कि छात्र मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली के रहने वाले है, जिन्होंने डीआईओएस को बताया कि वह स्कूल कभी नहीं आए और ना ही वह स्कूल का नाम तक बता सके। एक छात्र ने आई कार्ड दिखाकर बताया कि वह तो दिल्ली में नौकरी करता है। सभी छात्रों का डीआईओएस ने प्रवेश पंजिका के अलावा समस्त पत्राजातों सहित अपने कार्यालय में संबंधित विद्यालय प्रशासन को साक्ष्य प्रस्तुत किए जाने के आदेश दिए हैं।