आगरा। ‘बढ़ता प्रदूषण भी देशवासियों के लिए बड़ा खतरा है। नदियों के प्रदूषित होने से अभी मछलियां ही मर रही हैं, आगे आदमी भी मरेंगे। कूड़ा निस्तारण के लिए नीति बनाई जानी चाहिए।’ ये बातें नेता सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस ने गुरुवार को आगरा कालेज के गंगाधर शास्त्री सभागार में वी द इंडिया संस्था की ओर से आयोजित संगोष्ठी में कही।
‘भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा: बाहरी और भीतरी चुनौतियां’ विषय पर चंद्र कुमार बोस ने विचार व्यक्त किए। उन्हाेंने कहा कि देश के युवाओं के लिए जरूरी है कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा की बाहरी और आंतरिक चुनौतियों को समझें। देश की अखंडता सुरक्षित रखें।
अवैध हथियारों और जाली नोट की स्मगलिंग देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। पाकिस्तान लगातार आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है। सरकार को जागना होगा। आजाद हिंद की फौज में रहकर देश की आजादी में योगदान देने वाले गोरखा आज गोरखालैंड की मांग रहे हैं। इनसे संवाद की जरूरत है।
वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने कहा कि देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के समक्ष बाहरी से ज्यादा भीतरी खतरा है। धर्म के नाम पर पाखंड फैलाकर समाज को बांटने की साजिश देश के लिए बड़ा खतरा है। उन्होंने कहा कि पुलिस और फौज का ही काम देश की रक्षा करना नहीं, हर नागरिक को सजग प्रहरी बनना होगा।
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लेफ्टिनेंट जनरल पीएस मेहता ने कहा कि यदि देश आंतरिक रूप से समृद्ध, ताकतवर तो बाहरी शक्तियां भी पंगा लेने से घबराएंगी। राज्य की सीमाआें के विवाद, नदियों के पानी के विवाद में पड़ने के बजाय एकजुट होकर योजनाएं बनानी चाहिए। जिससे लोग लाभान्वित हों और देश मजबूत बनें। उन्हाेंने कहा कि कश्मीर की लड़ाई खत्म करने के लिए जंग जरूरी है।
रॉ के पूर्व निदेशक व रक्षा रणनीतिकार कर्नल आरएसएन ने कश्मीर में केंद्र सरकार की लाइन को देश हित में बताया। कार्यक्रम में आरएसएस के महानगर संघ चालक विजय गोयल, पूर्व मेयर बेबीरानी मौर्य, डा. यादवेंद्र सिंह, ओम स्वरूप गोलय, गोविंद ने विचार व्यक्त किया।