फिरोजाबाद/टूंडला। कार्तिक पूर्णिमा पर यमुना में स्नान करने के दौरान डूबे किशोर का पता 36 घंटे बाद भी नहीं मिल सका है। दूसरे दिन भी दोपहर तक गोताखोर टीम के न पहुंचने एवं प्रशासनिक सहयोग न मिलने से नाराज परिजनों ने प्रदर्शन किया। सायं तीन बजे पहुंची पीएसी की गोताखोर टीम यमुना में किशोर की तलाश में कर रही है।
थाना व गांव नगला सिंघी निवासी मदन बाबू बघेल का 14 वर्षीय पुत्र नितिन बघेल शनिवार सुबह साढ़े छह बजे करीब अपने साथियों के साथ यमुना में स्नान करने पहुंचा था। महेश्वरनाथ मंदिर के निकट नहाने के दौरान नितिन यमुना में डूब गया। घटना के बाद मंदिर के पुजारी व एक ग्रामीण गोताखोर ने डूबे किशोर की तलाश की थी, किंतु वह नहीं मिला था। मौके पर पहुंचे सीओ डा धर्मेंद्र यादव ने प्रशासन को अवगत कराते हुए पीएसी के गोताखोर की मांग की थी।
इसके साथ ही उन्होंने अंते की मढैया निवासी कालीचरन व एक अन्य गोताखोर को बुलाकर शव की तलाश कराई लेकिन, यमुना डूबे किशोर का पता नहीं चल सका। रविवार सुबह नितिन के परिजनों ने गोताखोर कालीचरन व उसके साथी के सहयोग से किशोर की तलाश की लेकिन उसका पता नहीं चला। प्रशासन द्वारा बुलवाए गोताखोर न पहुंचने पर परिजनों व ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।
ग्रामीणों ने महेश्वरनाथ मंदिर पर शासन -प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। हंगामे के बाद रविवार सायं तीन बजे करीब बटेश्वर पीएसी से गोताखोरों की टीम पहुंची तब ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ। ग्रामीणों का आरोप था है कि यमुना में डूबे किशोर की तलाश में प्रशासन का रवैया बेहद ढुलमुल रहा है। अगर प्रशासन चाहता तो इतना विलंब न होता। समाचार लिखे जाने तक गोताखोर स्टीमर के माध्यम से डूबे किशोर की तलाश में जुटे थे। वहीं परिजनों को रोते हुए बुरा हाल है।