कासगंज/ सहावर।
जिले में चोटी काटने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे। सहावर में एक महिला की शौच जाते समय, तो एक युवती की घर में सोते समय चोटी कट गई। घटना के बाद दोनों बेहोश हो गईं। लगातार हो रही वारदातों से लोग दहशत में हैं। नीरज पुत्री राजबहादुर निवासी जमालपुर गुरुवार रात अपने घर पर सो रही थी। सोते समय उसकी चोटी कट गई। जब वह उठी तो चारपाई के पास अपनी चोटी कटी देखकर चीखी और बेहोश हो गई। चीख सुनकर परिवारीजन उसके पास पहुंचे। उन्होंने पास में कटी चोटी मिली और वह बेहोश थी। तुरंत उसे चिकित्सक के पास ले गए। चोटी कटने की दूसरी घटना नगला रोशन हीरापुर में हुई। क्रांति पत्नी सहकाला सुबह पांच बजे शौच के लिए जा रही थी।
रास्ते में अचानक उनकी नजर जमीन पर गई तो उसकी चोटी कटी पड़ी थी। यह देखकर वह चीखते हुए बेहोश हो गई। जब ग्रामीणों ने उनको सड़क किनारे बेहोश देखा तो मामले की सूचना परिवार को दी। परिवारीजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए। जनपद में अब तक चोटी कटने के दो दर्जन से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। लगातार हो रही घटनाओं से लोग भयभीत हैं। कोई अपने घरों पर नींबू लटका रहा है तो कोई हल्दी के थापे लगा रहा है।
एटा। जिले में चोटी कटवा का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक जिले में 24 महिलाओं की चोटियां कट चुकी हैं।
शुक्रवार को भी जिले में चोटी कटने के तीन मामले सामने आए। कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव लोया बादशाहपुुर निवासी ममता 32 की चोटी अचानक कट गई। चोटी कटने के बाद महिला बेहोश हो गई। उसे परिजवारीनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उधर, इस्लाम नगर निवासी जायदा 24 पत्नी कयूम चोटी कटने से बेहोश हो गई। बताया जाता है कि चोटी कटने के बाद महिला के मायके वाले उसे साथ ले गए। वहीं पिलुआ क्षेत्र में भी चोटी कटने का मामला सामने आया है। गांव निवासी सुमन चोटी कटने से बेहोश हो गई। चोटी कटवा के आतंक को लेकर लोग परेशान हैं। वहीं पुलिस और प्रशासन अब तक चोटी कटवा को पकड़ नहीं सका है।
टोने-टोटकों का दौर तेज
चोटी कटवा के आतंक को कोई कीड़ा काटने का नाम दे रहा है, तो कोई इसे जादू टोना बता रहा है। इसे लेकर गांवों में टोने-टोटके का दौर तेज है। घरों के बाहर महिलाओं ने हल्दी के थापे लगा दिए हैं। वहीं घरों के बाहर नींबू-मिर्च और नीम की पत्तियां लटकाई जा रही हैं।
बेहोशी में कुछ नहीं आता सामने
चोटी कटने के बाद बेहोश हो रही महिलाएं उपचार के बाद सही हो जाती हैं। चिकित्सक भी कुछ समझ नहीं पा रहे हैं। बेहोशी के दौरान महिलाओं का बीपी, पल्स सब कुछ एकदम सही निकलता है।