एटा। प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद जिले के आठ ब्लॉक में से मंगलवार को पहले मारहरा ब्लॉक प्रमुख अनिल यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। यही नहीं रंजीत कुमार के नेतृत्व में डीएम के सामने समर्थक बीडीसी की परेड भी कराई गई। इसके बाद डीएम ने अविश्वास प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। ऐसे में साफ है रंजीत या उनकी पत्नी में से कोई एक मारहरा का अगला ब्लॉक प्रमुख बन सकता है।
प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद से जिले अलीगंज, मारहरा, अवागढ़, निधौली, शीतलपुर ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी पर कब्जा करने की कवायद चल रही है। मंगलवार को मारहरा ब्लॉक प्रमुख अनिल यादव के खिलाफ बीडीसी सदस्य रंजीत कुमार उर्फ राजू आर्य के नेतृत्व में बीडीसी सदस्य अविश्वास प्रस्ताव लेकर कलक्ट्रेट सभागार पहुंचे। अविश्वास प्रस्ताव रिसीव करने से पहले डीएम अमित किशोर ने समर्थित बीडीसी की परेड कराने के बाद प्रस्ताव स्वीकार करने की शर्त रखी। इस पर रंजीत ने 73 में से 42 बीडीसी को डीएम के सामने परेड करा दी।
इसके बाद डीएम ने मारहरा ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। अविश्वास प्रस्ताव स्वीकार होते ही मारहरा ब्लॉक प्रमुख अनिल यादव की कुर्सी खतरे में आ गई है। माना जा रहा है कि रंजीत खुद या फिर उनकी पत्नी ममता यादव मारहरा की अगली ब्लॉक प्रमुख हो सकतीं हैं। पति और पत्नी दोनेा की बीडीसी सदस्य हैं। पिछले चुनाव भी रंजीत ने ब्लॉक प्रमुख पद का चुना लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अगला अविश्वास प्रस्ताव अवागढ़ या शीतलपुर ब्लॉक प्रमुख में से किसी एक का आ सकता है। मारहरा से अविश्वास प्रस्ताव की शुरुआत होने के बाद दूसरे ब्लॉक में सक्रिय विरोधियों के हौसले बुलंद हो गए हैं। डीएम अमित किशोर ने कहा कि 73 में से 42 बीडीसी ने परेड की है। अविश्वास प्रस्ताव की जांच कराने के बाद कोई फैसला लिया जाएगा।