मथुरा। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) में मथुरा-वृंदावन नगर निगम और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपनेे जवाब दाखिल कर दिए हैं। इसमें नगर निगम ने शहर के संपूर्ण नालों की सफाई की जानकारी दी है। प्रदूषण बोर्ड ने शहर के पानी को बगैर शोधित सीधे यमुना में गिरने की स्थिति से अवगत कराया है। अब एनजीटी सिटीजन वेलफेयर सोसाइटी की याचिका पर सात सितम्बर को अपना फैसला देगी।
मथुरा शहरी क्षेत्र में एसटीपी के संचालन और इसके टेंडरिंग में 1.74 करोड़ रुपये के घपले को लेकर सिटीजन वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष उमेश भारद्वाज और सचिव राजीव सिंह की याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। इस दौरान मथुरा नगर निगम ने एनजीटी के पूर्व निर्देश के क्रम में अवगत कराया कि शहर के सभी नाले और एसटीपी की सफाई करा दी गई है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में एनजीटी को अवगत कराया है कि शहर के सभी नालों का पानी बगैर शोधित किए सीधे यमुना में गिर रहा है। दोनों विभागों की उपरोक्त रिपोर्ट आने के बाद याची ने एनजीटी से फैसला देने की गुहार लगाई। इस पर एनजीटी ने सात सितंबर की तिथि तय कर दी है।