वृंदावन (मथुरा)। पूरे प्रदेश को निर्बाध बिजली देने का जिम्मा जिन ऊर्जा मंत्री पर है उनको अपने ही घर में जेनरेटर पर आश्रित होना पड़ा। जब तक वह गांव में रहे बिजली नहीं आई। पूरी चौपाल जनरेटर के शोर में संचालित हुई।
शनिवार को ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा का अपने गांव बाबूगढ़ में प्राथमिक पाठशाला में चौपाल लगाकर लोगों की समस्याओं से रूबरू होने का कार्यक्रम था। ऊर्जा मंत्री को दोपहर एक बजे पहुंचना था, लेकिन इससे पूर्व ही बिजली व्यवस्था ठप हो गई।
अधिकारियों के हाथ पैर फूल गए। बिजली आपूर्ति सुचारू कराने की जगह ट्रैक्टर भेजकर जेनरेटर मंगा लिया। इसके बाद जब तक चौपाल कार्यक्रम चला पाठशाला की विद्युत व्यवस्था सुचारू रखने के लिए जेनरेटर चलता रहा।
ग्रामीण अंचल के उपखंड अधिकारी जसवंत सिंह ने बताया गांव में बिजली है लेकिन बिजली चले जाने पर जेनरेटर की सुविधा ली।