फिरोजाबाद/नारखी। कर्ज में डूबे किसान की सदमे से मौत हो गई। किसान पर करीब साढ़े तीन लाख रुपये बैंक और 1.50 लाख रुपये साहूकारों का था। जो किसान को आए दिन धमकी देने के साथ ही अमीनों द्वारा परेशान किया जाता था। परिवार का भरण पोषण करने के लिए किसान ने आम का बाग भी बटाई पर लिया था। उससे भी आय नहीं हो पा रही थी। किसान की मौत की पुष्टि होती ही परिवारीजनों में कोहराम मच गया।
नारखी थाना क्षेत्र के गांव गढ़ी अफो निवासी अभय पाल सिंह (65) के नाम करीब 30 बीघा खेत है। खेत में फसल करने के लिए उसने भूमि विकास बैंक से करीब 50 हजार और ग्रामीण बैंक जौंधरी से करीब तीन लाख रुपये कर्ज लिया था। वहीं उसने 1.50 लाख रुपये सूदखोरों से ब्याज पर लिए थे। इन रुपयों को अदा करने के लिए किसान अभयपाल सिंह ने इस बार 30 बीघा खेत में आलू किया था।
इसमें लगभग 800 बोरी आलू की पैदावार हुई थी लेकिन कोल्डस्टोरेज फुल होने के कारण किसान अभयपाल सिंह का आलू खेत में ही सड़ गया। इसको लेकर किसान अभयपाल सिंह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा था। कर्ज और परिवार का भरण पोषण करने के लिए किसान अभयपाल सिंह ने गांव के ही इंद्रपाल सिंह का आम का बाग बटाई पर लिया था। उसमें भी पैदावार नहीं हो सकी।
उधर बैंकों द्वारा आरसी जारी करने के बाद अमीनों ने भी तकादा शुरू कर दिया था। इसको लेकर किसान और भी परेशान रहने लगा था। बताया जाता है कि रविवार को किसान अभय पाल सिंह का शव आम के बाग में पड़ा मिला।
इसकी जानकारी अभयपाल सिंह के परिवारीजनों को हुई तो उनमें कोहराम मच गया। काफी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए। परिवारीजन शव को बाग से घर लेकर आए और पुलिस को सूचना दिए बगैर अंतिम संस्कार भी कर दिया।
पीड़ित परिवारीजनों की माने तो किसान अभयपाल सिंह शनिवार शाम को घर पर मौजूद थे। तभी कुछ सूदखोर घर आए और रुपये और ब्याज की मांग करने लगे। अभयपाल सिंह ने कुछ समय बाद ब्याज के रुपये देने की बात की तो सूदखोरों ने अभयपाल से अभद्रता करते अभद्रभाषा का प्रयोग किया। इसके चलते अभयपाल सदमे में आ गया था।
एसडीएम सदर अंबरीश कुमार बिंद गढ़ी ने कहा कि अफोह में किसान की सदमे से नहीं, बल्कि हार्टअटैक से मृत्यु हुई है। उसके खिलाफ आरसी जारी हो चुकी थी लेकिन अमीन द्वारा दबाव बनाने की बात गलत है। सोमवार को किसान के परिवारीजनों को बुलाया गया है। परिजनों व लेखपालों से पूछताछ के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।