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जीएसटी: बंद का रहा मिलाजुआ असर

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मैनपुरी का बंद बाजार - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मैनपुरी। जीएसटी के विरोध में व्यापारियों के बाजार बंदी का जिले में मिलाजुला असर देखने को मिला। सुबह जहां जिलेभर में बाजार बंद रहा। वहीं दिन चढ़ने के साथ ही दुकानें भी खुलती गईं। दोपहर तक कुछ एक दुकानों को छोड़ अधिकांश बाजार खुल चुका था। इस प्रकार देखा जाए तो व्यापारिक संगठनों के बाजार बंदी का कोई खास असर देखने को नहीं मिला। उक्त बंदी से जिले भर में 10 करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार प्रभावित हुआ।
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देशभर में जीएसटी एक जुलाई से लागू होगा। इसके विरोध में विभिन्न व्यापारिक संगठनों ने देशव्यापी बंद की अपील की थी। व्यापारी नेताओं ने 30 जून को सभी बाजार और दुकानें बंद करने की अपील व्यापारियों से की थी। इसी क्रम में शुक्रवार को बाजार बंद रखने की अपील स्थानीय व्यापारी नेताओं ने की थी। सुबह बाजारों में इसका असर भी देखने के लिए मिला। सुबह लगभग 10 बजे तक विभिन्न बाजारों की अधिकांश दुकानें बंद रहीं। इसके बाद दिन चढ़ने के साथ ही बाजार में दुकानें खुलने का क्रम शुरू हो गया।

दोपहर तक शहर के अलावा देहात के बाजारों की अधिकांश दुकानें खुल चुकी थीं। सुबह व्यापारी नेताओं ने शहर और देहात में घूमकर व्यापारियों से दुकानें बंद कराईं। दुकान बंद होने के कारण जिन लोगों को परेशानी हुई उन्होंने दोपहर में दुकान खुलने पर राहत की सांस ली। सुबह शहर के करहल रोड, लेनगंज, आगरा रोड, बजाजा बाजार, देवी रोड स्टेशन रोड आदि की दुकानें जीएसटी के विरोध में बंद रहीं। हालांकि उक्त बाजार दोपहर से पहले ही खुल गए।
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व्यापारी नेताओं का दावा है कि उक्त बाजार बंदी से जिलेभर में 10 करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार प्रभावित हुआ है। सुबह बाजार बंद कराने में उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष रामबाबू कुशवाह, जिलाध्यक्ष सोमप्रकाश गुप्ता, नीरज बैजल, राजेश गुप्ता, राजीव कुमार आदि व्यापारी नेता शामिल थे।

किशनी मंडी में जीएसटी के विरोध में हुई हड़ताल
शुक्रवार को नगर की मंडी में भी आढ़तियों ने जीएसटी के विरोध में हड़ताल की व मंडी में काम नहीं किया। इस मौके पर आढ़तियों ने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार व्यापारियों का दमन कर रही है।

पहले से ही कई टैक्स होने के बावजूद कर का अतिरिक्त भार डालने से व्यापारियों के समक्ष व्यापार करना बेहद मुश्किल हो गया है। अगर सरकार ने जल्द ही इसको वापस ना लिया तो व्यापारी रणनीति बनाकर इसका बड़े स्तर पर विरोध करेंगे। इस मौके पर मंडी आढ़तिया संघ के अध्यक्ष जगदीश यादव, सभासद मुकेश यादव, अशोक यादव, सहाबुद्दीन खान, संजीव यादव, विजय गुप्ता, महेश आढ़तिया, विजयबहादुर यादव, रघुवीर यादव, रामविलास, वीरेंद्र सिंह, शैलेंद्र राठौर, राजीव गुप्ता सहित करीब दो दर्जन आढ़ती मौजूद रहे।
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