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बाबूजी धीरे चलना, जरा संभलना...

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फिरोजाबाद।
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बाबूजी धीरे चलना, जरा संभलना, बड़े गड्ढे हैं इस राह में...। फिल्मी गाने के यह बोल असन से बरतरा तक जाने वाली सड़क के लिए ठीक बैठते हैं। यहां पर कदम पर गड्ढे ही गड्ढे हैं कि जतरा सी सावधानी दुर्घटना का सबब बन सकती है। दस किलोमीटर लंबे मार्ग के निर्माण की किसी ने सुधि नहीं ली। सीएम ने 15 जून तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए हैं लेकिन यह निर्देश हवा में उड़ते नजर आ रहे हैं। इस मार्ग पर आए दिन दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त होते हैं।

नारखी क्षेत्र के करीब दो दर्जन गांवों को शहर से जोड़ने का प्रमुख मार्ग है। असन चौराहे से सीधे जलेसर रोड होते हुए बड़ी संख्या में ग्रामीण शहर में बाजार करने के साथ टूंडला से होकर आगरा तक जाते हैं।
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ग्रामीणों की मानें तो पिछले पांच वर्ष से सड़क पर न तो पैचवर्क हुआ और न निर्माण कराया। इस कारण राहगीरों के साथ स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं को दिक्कत होती है। कई स्थानों पर तो सड़क का नामोनिशां तक नहीं। ग्रामीणों ने मार्ग बनाए जाने की मांग कई बार जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ प्रमुख दल के नेताओं से की। लेकिन मार्ग अपेक्षा का शिकार रहा। जबकि इस मार्ग के ग्रामीण क्षेत्र का बड़ा हिस्सा सीधे शहर से जुड़ता है।

इन गांव के आवागमन का मुख्य मार्ग
असन, नगला डूमर, लदपुरा, नगला रूंध, हरीनगर, बिदरखा, गढ़ी अफोह, बड़ागांव, गढ़ी श्रीराम, भूड़ा शेरपुर, बदनपुर, लुखरिया, फतेहपुरा,महीपुरा, नयाबांस से गांव होते हैं।
कई स्कूल व शहर जाने का मार्ग

केपी सिंह मेमोरियल इंटर कालेज गढ़ी अफोह, आरके इंटर कालेज कोटला, विद्याराम मांटेसरी हाईस्कूल के अलावा ही शहर जाने का प्रमुख मार्ग है।
ग्रामीण बोले पांच वर्ष से नहीं हुआ निर्माण

गढ़ी अफोह निवासी अंगद सिंह ने कहा कि मार्ग के निर्माण की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। गहरे गड्ढों के कारण तो राह निकलना तक मुश्किल हो गया। 15 जून तक सड़क के बनने की उम्मीद है लेकिन लगता नहीं ऐसा होगा।

गढ़ी हंसराम निवासी मानपाल सिंह ने कहा कि टूंडला जाने को यही प्रमुख मार्ग है। लेकिन गड्ढों के कारण घूमकर जाने को ग्रामीण विवश हैं। पिछली सरकार की तरह यह सरकार भी चुप्पी साधे हैं।

नारखी निवासी अंबिका प्रसाद ने कहा कि हमें नई सरकार से उम्मीद थी कि प्रदेश की सड़क निर्माण कराना मुख्यमंत्री की प्राथमिकता होगी। लेकिन अभी तक मार्ग का निर्माण नहीं कराया गया। इससे काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
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गड्ढामुक्त अभियान में अधिकांश उन सड़कों को शामिल किया था। जिनमें गड्ढे हैं यदि कोई सड़क निर्माण के लिए है तो उसका अलग से प्रस्ताव जाएगा। शासन के आदेश के साथ ही ऐसी सड़कों के लिए धनराशि की मांग की जाएगी।
संजीव सक्सेना
एक्सईएन पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड
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