आगरा। बारिश से पहले जलभराव रोकने के लिए नालों की मरम्मत और निर्माण के लिए नगर निगम ने राज्य सरकार से 58 करोड़ रुपये की मांग की है। अर्बन फ्लड योजना के तहत शहर के नौ बड़े नालों को शामिल किया गया है, जिनका प्रस्ताव इस साल के लिए भेजा गया है। यह सभी नाले बेहद पुराने और जर्जर अवस्था में हैं, जिनके क्षतिग्रस्त होने के कारण बारिश का पानी निकलने में दिक्कत आ रही है।
इस योजना के तहत सबसे बड़ा नाला हरीपर्वत जोन के लंगड़े की चौकी स्थित शाही कैनाल है, जो सुल्तानगंज की पुलिया से जीवनी मंडी होते हुए यमुना में गिरता है। यह कई जगह से क्षतिग्रस्त है। इससे विजय नगर कॉलोनी, महाराणा प्रताप नगर, लंगड़े की चौकी, लश्करपुर, कमला नगर, कर्बला, न्यू आगरा, नगला छिद्दा, नगला हरमुख, महावीर नगर, मोतिया बगीची आदि क्षेत्रों का बारिश का पानी निकलता है।
इन नालों का निर्माण ईंटों और पत्थर की जगह आरसीसी से कराने का प्रस्ताव भेजा गया है। इससे इनकी क्षमता में भी बढ़ोतरी होगी और चेन मशीन से सफाई के दौरान यह क्षतिग्रस्त भी नहीं होंगे। सबसे ज्यादा जलभराव वाले क्षेत्र लोहामंडी के लिए खतैना, मदिया कटरा, सिकंदरा बोदला और अवधपुरी नाले का प्रस्ताव रखा गया है।
इन नालों का होगा निर्माण और मरम्मत
नाम लागत
लंगड़े की चौकी नाला 16.68 करोड़
खतैना नाला 9.90 करोड़
अवधपुरी नाला 9.90 करोड़
सिकंदरा-बोदला रोड नाला 9.90 करोड़
मदिया कटरा नाला 6 करोड़
शास्त्रीपुरम ए ब्लॉक नाला 1.80 करोड़
राधा नगर भूमिगत नाला 1.72 करोड़
खंदारी-चर्च रोड नाला 1.35 करोड़
सोहल्ला तालाब नाला 84.85 लाख
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सभी नालों का सुरक्षा सर्वे कराएगा निगम
बारिश में नालों के पास होने वाले हादसों को रोकने के लिए नगर निगम सुरक्षा सर्वे कराएगा। काजीपाड़ा में नाले की दीवार कई जगह से क्षतिग्रस्त होने की अमर उजाला में प्रकाशित खबर के बाद नगर आयुक्त ने सभी बड़े और छोटे नालों के सर्वे के निर्देश दिए हैं। कार्यवाहक मुख्य अभियंता अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि बड़े नालों के ऊपर मजबूत जाली लगाना, क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवारों का पुनर्निर्माण, बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक बोर्ड तथा संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था शामिल रहेगी। इससे बारिश में तेज बहाव होने पर हादसों से बचा जा सकेगा। जिन जगहों पर दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, वहां प्राथमिकता से काम कराया जाएगा। ब्यूरो