मथुरा। जनपद मथुरा में परिषदीय विद्यालयों के 58 शिक्षकों की बीएड डिग्री फर्जी पाई गई है। इन शिक्षकों ने डॉ. बीआर आंबेडकर विवि आगरा से 2004-05 में बीएड किया था। एसआईटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर फर्जी बीएड डिग्री धारक शिक्षकों का चिन्हीकरण किया गया है। ऐसे शिक्षकों की सूची सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को भेज दी गई है।
गौरतलब रहे कि एसआईटी ने डॉ. आंबेडकर विवि आगरा से 2004-05 में फर्जी तौर पर बीएड की डिग्री हासिल करने या फिर उसमें छेड़छाड़ करने वाले 4700 नाम चयनित किए थे। यह लिस्ट जनपद स्तर पर जिला बेसिक शिक्षाधिकारी को परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों से मिलान के लिए उपलब्ध कराई गई थी। इस प्रक्रिया के तहत मथुरा जनपद में 58 शिक्षक चयनित किए गए हैं, जिनके नाम एसआईटी की लिस्ट से मिलाए जा रहे हैं। इसमें सबसे अधिक शिक्षक राया ब्लॉक में मिले हैं, जबकि फरह और मांट ब्लॉक दूसरे स्थान पर है। बीएसए ने यह सूची सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को भेज दी है। एडी बेसिक एके सिंह ने बताया कि मथुरा जनपद की सूची बीएसए के स्तर से सचिव को भेजी गई है। इसमें देरी के लिए उनकी शिकायत सचिव से की गई थी।
मिलान में लगे छह माह
मथुरा। एसआईटी द्वारा उपलब्ध कराई गई सीडी से फर्जी बीएड डिग्री धारकों के नाम का मिलान जनपद के परिषदीय शिक्षकों से 30 जनवरी 2019 तक करना था। लेकिन मथुरा में छह माह से अधिक वक्त इस प्रक्रिया में गुजार दिया। इसके लिए दो बार स्मरण पत्र भी सचिव को जारी करने पड़े।