ताजमहल में बुधवार को 34 देशों की मॉडल्स के ‘रामनामी’ भगवा दुपट्टे उतरवाने की घटना से हिंदू संगठनों में उबाल है। गुरुवार को हिंदू जागरण मंच और शिव सेना के कार्यकर्ताओं ने अधीक्षण पुरातत्वविद् के कार्यालय का घेराव किया। नारेबाजी कर रहे कार्यकर्ताओं पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने बड़ी मुश्किल से शांत किया।
गौरतलब है कि बुधवार करीब 34 देशों की मॉडल ताजमहल का दीदार करने आई थीं। माडल धूप से बचने के लिए भगवा दुपट्टे पहनी हुई थीं। ताजमहल में सुरक्षा के नाम पर इनके दुपट्टे उतरवा दिए थे। घटना सुर्खियां बनी तो गुरुवार को हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। हिंदू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष अमित चौधरी और महानगर अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता माल रोड स्थित पुरातत्व विभाग के कार्यालय पर पहुंच गए। उन्होंने वहां जमकर नारेबाजी। हिंदू जागरण मंच के प्रदेश महामंत्री अविनाश राणा और प्रदेश मंत्री रवि शंकर ने अधीक्षण पुरातत्वविद् भुवन विक्रम को ज्ञापन सौंपते हुआ कहा कि विदेशी माडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से प्रभावित होकर भारतीय संस्कृति के सम्मान प्रकट करते हुए भगवा दुपट्टे ओढ़े हुई थीं। ताजमहल में उनके साथ जो किया गया, यह भारतीय संस्कृति का अपमान है। विदेशी मेहमानों पर इसका क्या असर होगा। अधीक्षण पुरातत्वविद् ने मामले की जांच का आदेश दिया है। प्रदर्शन में युवा वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष अज्जू चौहान, संजय सिसोदिया, राजेश शर्मा, राजू त्रिवेदी, अरुण गोयल, प्रदीप उप्रैती आदि शामिल रहे।
शाम को शिव सेना के कार्यकर्ताओं ने कार्यालय घेर लिया। जिला प्रमुख वीनू लवानिया के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं को शांत करने के लिए भुवन विक्रम ने उन्हें अपने कार्यालय में बुलाया। वीनू लवानिया ने बुधवार को घटना पर सख्त विरोध जताया। उन्होंने पूछा कि किस नियम के आधार पर विदेशियों मेहमानों को दुपट्टे उतरवाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि ताजमहल के एक समुदाय विशेष के कार्यक्रम में नियमों की धज्जियां उड़ती हैं वह नहीं दिखाई देते हैं। बुधवार को वहां भारतीय संस्कृति का अपमान हुआ है। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन में सुरेश प्रजापति, राकेश सचदेवा, बृजेश गौतम, बृज विहारी पांडे, महिपाल सिंह राणा, बबलू दिवाकर, मुकेश मिश्रा, सीताराम वर्मा, झम्मन सिंह आदि शामिल रहे।