आगरा। शुभ मुहूर्त के अभाव में 520 जोड़ों का घर नहीं बस सका। यह हम नहीं विभागीय आंकड़े खुद बयां कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में सी- ग्रेड मिलने पर विभाग की दलील है कि शुभ मुहूर्त कम थे, फरवरी तक लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।
वर्ष 2025-26 में 951 जोड़ों के विवाह का लक्ष्य था। दिसंबर तक 431 जोड़ों का विवाह हुआ। बाकी 520 जोड़ों का विवाह फरवरी तक कराने का दावा समाज कल्याण अधिकारी ने किया है। यह हाल तब है, जब मुख्यमंत्री स्तर से सामूहिक विवाह योजना का अनुश्रवण किया जा रहा है।
जिलाधिकारी अरविंद बंगारी ने सी ग्रेड मिलने पर नाराजगी जताई। उन्होंने शत प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति के निर्देश दिए हैं। इस योजना में सभी धर्म, जाति और समुदाय के लोग जिनकी उम्र 18 वर्ष से अधिक है और वार्षिक आय तीन लाख है। सामूहिक विवाह योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं।
एक लाख हुआ सरकारी खर्च
- सामूहिक विवाह योजना में पहले 51 हजार रुपये प्रति विवाह पर सरकार खर्च करती थी। जिसे बढ़ाकर अब एक लाख रुपये कर दिया गया है। 60 हजार रुपये कन्या के खाते में जाते हैं। 25 हजार रुपये का उसे घरेलू सामान दिया जाता है। 15 हजार रुपये आयोजन पर खर्च होता है।
सात महीने बाद सामान खरीद का टेंडर
- विवाह कराने का लक्ष्य वित्त वर्ष के अनुसार तय होता है। मार्च से अप्रैल तक वित्त वर्ष चलता है। वित्त वर्ष 2025-26 में मार्च से नवंबर तक विवाह नहीं हुए। करीब सात महीने बाद नवंबर में सामान खरीद का टेंडर हुआ। जिला समाज कल्याण अधिकारी घासीराम प्रजापति ने बताया कि दिसंबर में विवाह हुए हैं। फरवरी में फिर सहालग है। इसमें लक्ष्य को पूर्ण कर लिया जाएगा।