आगरा में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए जा रहे भवनों की जीओ टैगिंग में लापरवाही बरती जा रही है। प्रदेश स्तर पर जारी रेटिंग में शहर पिछड़ गया। इस पर डूडा अध्यक्ष/जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए राज्य नगरीय विकास अभिकरण के निदेशक को पत्र भेजकर नामित संस्था के खिलाफ कार्रवाई को कहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहर में करीब 19369 आवेदन आए थे। जांच में 4720 लाभार्र्थी अपात्र पाए गए थे। बाद में 14649 आवासों के निर्माण की स्वीकृति दे दी गई। शासन स्तर से आवासों की जीओ टैगिंग के लिए जिले की सरयू बाबू इंजीनियरिंग संस्था को नामित किया गया था। संस्था के कर्मचारियों को प्रत्येक स्वीकृत आवेदन पत्र के आधार पर भौतिक सत्यापन करना था और आवासों की जीओ टैगिंग करनी थी।
डूडा के अध्यक्ष/ जिलाधिकारी एनजी रवि कुमार मुताबिक स्वीकृत लाभार्थी 14649 के सापेक्ष अभी तक संस्था ने महज 6398 आवासों की ही जीओ टैगिंग की है। मात्र 5336 आवासों के दस्तावेज डूडा में जमा किए हैं, जिन्हें प्रथम किस्त की धनराशि आवंटित कर दी गई है। संस्था की इस लापरवाही की वजह से प्रदेश में आगरा जिले की जीओ टैगिंग की रेटिंग में 65 वां और अटैचमेंट में 51 वां स्थान मिला है।
डीएम ने साफ कहा कि इस कार्य के लिए नामित संस्था सरयू बाबू इंजीनियरिंग अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन ठीक ढंग से नहीं कर रही है। जिलाधिकारी राज्य नगरीय विकास अभिकरण के निदेशक को पत्र लिखकर संस्था के खिलाफ कार्रवाई को कहा है।