बेवर (मैनपुरी)। नवीगंज के लापता खाद व्यापारी का शव छह दिन बाद गांव के पास ही खेत में दबा मिला। व्यापारी की हत्या रुपये के लेनदेन और संपत्ति हड़पने के लिए की गई थी। मामले में एक नामजद आरोपी गिरफ्तारी से पूर्व खुदकुशी कर चुका है। पुलिस ने पकड़े गए दो अन्य हत्यारोपियों को जेल भेजा है।
थाना क्षेत्र के नवीगंज निवासी 65 वर्षीय खाद व्यापारी लालाराम सक्सेना 12 दिसंबर की रात किसानों से तकादा करने के लिए घर से निकले थे। इसके बाद से ही वह घर नहीं लौटे। व्यापारी की पत्नी माया देवी की तहरीर पर नवीगंज के तिलियानी निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य चंद्रशेखर उर्फ बबलू तथा उनके चालक ऋषि कुमार उर्फ गौरव निवासी दिवरनिया सहित एक अन्य के खिलाफ पुलिस ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस आरोपी बबलू से पूछताछ कर रही थी। इसी बीच सोमवार की रात तीसरे आरोपी बिजेंद्र उर्फ गुड्डू निवासी गांव दिवरनियां को गिरफ्तार कर लिया।
बबलू और बिजेंद्र से सख्ती से पूछताछ करने पर मामला खुल गया। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी बबलू ने बताया कि लालाराम सक्सेना से उसके घरेलू संबंध थे। हाल ही में उसने करीब 12 लाख रुपये भी लिए थे। पहले का भी लेनदेन था। आए दिन लालाराम रुपये मांगते, तो उसे तनाव होती थी। आरोपी ने बताया कि व्यापारी की एक पुत्री गीता की शादी जुलाई में हो गई थी। वह उसकी संपत्ति भी हड़पना चाहता था। इसी षड्यंत्र के तहत 12 दिसंबर को उसने चालक रिषी और बिजेंद्र को साथ लेकर व्यापारी को गाड़ी में बैठा लिया। गला दबाकर हत्या करने के बाद गुड्डू और रिषी ने बटाई वाले खेत में शव को गड्ढा खोद कर दफना दिया था। हत्याकांड का खुलासा करने के बाद पुलिस ने गिरफ्तार दोनों ही आरोपियों को लिखापढ़ी करने के बाद जेल भेजा है।