फिरोजाबाद। सुहागनगरी में बुधवार को दुर्गाष्टमी पर डीएम नेहा शर्मा की पहल पर पहली बार अनूठा कार्यक्रम आयोजित किया गया। पीडी जैन कॉलेज के मैदान में हजारों कन्याओं का सामूहिक पूजन कर भोज कराया गया। लक्ष्य 5100 कन्याओं के पूजन का था लेकिन आयोजन में जिले भर से छह हजार से अधिक कन्याएं शामिल हुईं। कन्याओं को उपहार भी दिए गए।
पीडी जैन कालेज के मैदान पर बुधवार को सुबह आठ बजे से ही बसों से परिषदीय एवं प्राइवेट स्कूलों की छात्राएं समारोह स्थल पर आना शुरू हो गई थीं। मैदान को दस सेक्टरों में बांटकर पंडाल बनाए गए थे इनमें छात्राएं कतारबद्ध बैठाई गई थीं। सर्वप्रथम कन्याओं के शिक्षिकाओं ने तिलक लगाया। करीब 10 बजे हवन पूजन का आयोजन किया गया। हवन कुंड पर डीएम नेहा शर्मा, सीडीओ नेहा जैन, डीआईओएस रितु गोयल, महिला आयोग की सदस्य सुमन चतुर्वेदी, मेयर नूतन राठौर, सदर विधायक मनीष असीजा, शिकोहाबाद विधायक डा. मुकेश वर्मा, जसराना विधायक रामगोपाल पप्पू लोधी, समाज कल्याण अधिकारी प्रज्ञाशंकर तिवारी सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने हवन में आहुतियां दीं।
इसके बाद पंक्तियों में बैठी कन्याओं को सब्जी, पूड़ी, हलुआ का भोजन कराया गया। छात्राओं को उपहार में चूड़ी एवं स्वच्छता किट दी। स्कूलों के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। अलग-अलग नौ देवियों की सजीव झांकियां भी दिखाई गई। पहली पंक्ति गणेश भगवान के नाम से शुरू की गई। इसके बाद नौ देवियों के नाम से पंक्तियां बनाई गईं। एक पंक्ति में करीब 11 शिक्षक ड्यूटी पर लगाए गए थे। बसों से लाने ले जाने की व्यवस्था की गई। डीएम, सीडीओ अपने परिवार के साथ आई थीं। एक छात्रा बेहोश भी हो गई थी। प्रशासन ने 5100 कन्याओं का पूजन रखा था एक लाइन में 85 छात्राओं के बैठने की व्यवस्था रखी थी। मगर छात्राओं की संख्या छह हजार से अधिक हो गई। कई लाइनों में 100 से अधिक छात्राएं बिठाई गईं।
कई क्षेत्रों में उत्कृष्ट काम करने वाली नौ महिलाओं को दुर्गाष्टमी पर सम्मानित किया। शिक्षा के क्षेत्र में आभा तिवारी, चिकित्सा आशा देवी, राजनीति प्रतिभा सिंह, उद्यमिता में कुमुद शर्मा, कला सांस्कृतिक में जीत चांदना, खेलकूद में सुमन सिंह, कृषि सोनमती देवी, पुलिस ललिता बलियान, सामाजिक कार्यकर्ता उमा सिंह को डीएम नेहा शर्मा एवं जनप्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया।
पीडी जैन इंटर कालेज के मैदान पर आयोजित कन्या पूजन समारोह में कौमी एकता की मिसाल दिखी। मुस्लिम कन्याओं का भी हिंदू रीति रिवाज के साथ पूजन किया गया। कई मुस्लिम शिक्षिकाएं भी दुर्गाष्टमी कन्या पूजन में भी धार्मिक आस्था से जुड़ीं।