मैनपुरी। विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच में घोषित फर्जी शिक्षकों के घर नोटिस पहुंचने शुरू हो गए हैं। इसमें सात दिन का समय दिया गया है लेकिन यह नोटिस पांच दिन बाद शिक्षकों को मिल पा रहे हैं। ऐसे में समय से जवाब देना कैसे संभव होगा। सूची में शामिल फर्जी शिक्षक जानकारी लेने के लिए बीएसए कार्यालय में पहुंच बना रहे हैं।
एसआईटी ने बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से बीएड की डिग्री प्राप्त करने वाले 80 शिक्षकों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बीएसए कार्यालय से सूची में शामिल शिक्षक-शिक्षिकाओं को 24 अगस्त को दूसरी बर्खास्तगी नोटिस जारी किए गए थे। जो गुरुवार को उनके घरों पर पहुंचना शुरू हुए।
इनमें लेटर जारी होने के सात दिन में जवाब देने को कहा गया है लेकिन लेटर जारी होने के पांच दिन बाद जब संबंधित अभ्यर्थियों के यहां ही पहुंच रहे हैं। ऐसे में वे निश्चित समय तक कैसे जवाब दाखिल कर सकेंगे। नोटिस से सूची में शामिल फर्जी शिक्षकों में दहशत फैल गई है। उन्होंने विधिक राय लेने के लिए दौड़ भाग शुरू कर दी है। सूची में जिन शिक्षकों के नाम शामिल हैं न केवल वे ही परेशान बल्कि उनके परिजन भी विधिक कार्रवाई को लेकर भयभीत हैं।