मैनपुरी। सीजेएम कोर्ट के आदेश की अवहेलना करना एआरटीओ राजेश कर्दम को महंगा पड़ा है। सीजेएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए एआरटीओ को तलब किया है। अदालत में हाजिर नहीं होने पर मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी दी है। मामले की सुनवाई करने के लिए 29 अगस्त की तारीख तय कर दी गई है।
जिला कन्नौज के छिबरामऊ के मोहल्ला बिरतिया निवासी दिव्या शाक्य की शादी 15 अप्रैल 2016 को मुकेंद्र सिंह निवासी मोटा रोड बेवर के साथ हुई थी। शादी में उसके पिता द्वारा दी गई बोलेरो का रजिस्ट्रेशन दिव्या शाक्य के नाम से कराया गया। शादी के बाद दहेज की मांग के चलते दिव्या का ससुरालीजनों से विवाद हुआ तो वह मायके चली गई। बाद में मुकेंद्र ने एआरटीओ कार्यालय के कर्मचारियों की मिलीभगत से बोलेरो अपने नाम ट्रांसफर करा ली। जानकारी होने पर दिव्या ने जब शिकायत की तो एआरटीओ सहित कार्यालय के कर्मचारियों ने संतोषजनक जवाब देना तो दूर उसकी शिकायत पर सुनवाई तक नहीं की। डीएम से की गई शिकायत पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
दिव्या ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से सीजेएम कोर्ट में शिकायत की। आरोप लगाया उसके पति से मिलकर फर्जी हस्ताक्षरों के आधार पर एआरटीओ कार्यालय के कर्मचारियों ने जालसाजी की है। तीन जून 2018 को सीजेएम ने एआरटीओ से आख्या मांगी लेकिन एआरटीओ ने आख्या नहीं भेजी। शुक्रवार को सीजेएम शक्ति सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए एआरटीओ राजेश कुमार कर्दम को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। मामले की सुनवाई के लिए 29 अगस्त की तारीख तय कर दी है। एआरटीओ के तय तारीख पर कोर्ट में हाजिर नहीं होने पर कोर्ट में ही मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी दी है।