फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

काली घटा में विराजे राजाधिराज और केशवदेव

विज्ञापन
विज्ञापन
मथुरा। चमकती-कड़कती बिजली, गरजते-बरसते मेघ, उपवन में नृत्य करते मोरों की आवाज और पक्षियों की चहचहाहट के बीच सोमवार को भक्तों ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान स्थित केशवदेव व द्वारिकाधीश मंदिर में ठाकुरजी के दर्शन किए। सावन माह के अंतिम सोमवार को शहर के प्रमुख मंदिरों में काली घटा की झांकी सजाई गई।
विज्ञापन


केशवदेव मंदिर के अंदर सजी काली घटा की मनोहर झांकी ने भक्तों का मन मोहा। केशवदेव के श्रीविग्रह की एक झलक पाने को भक्त आतुर दिखे। परिसर को श्याम वस्त्र, लता-पता और प्राकृतिक वृक्षावली से सजाया गया। भक्त कतारों में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते देखे गए। शाम चार बजे से देर रात तक मंदिरों में भक्तों की भीड़ दर्शन को उमड़ती रही। इस दौरान संस्थान के सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी, मुख्य अधिशासी अधिकारी राजीव श्रीवास्तव, अनुराग पाठक आदि मौजूद रहे।

वहीं ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर में सजाई गई काली घटा के मध्य विराजमान हो राजाधिराज ने भक्तों को दर्शन दिए। मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि मंदिर प्रांगण व जगमोहन को फव्वारे, ग्वाल बाल व गोपियों से सजाया गया था। इस दौरान मंदिर के अधिकारी श्रीधर चतुर्वेदी, दीनानाथ शर्मा, ब्रजेश कुमार, सुधीर, राजीव चतुर्वेदी, सुरेश, अजय भट्ट, बनवारी लाल, त्रिलोकीनाथ, ब्रजनाथ चतुर्वेदी, कन्हैया लाल आदि मौजूद रहे। केशवदेव में 22 अगस्त को गुलाबी घटा जबकि द्वारिकाधीश में 21 अगस्त को पचरंगी पुष्प के हिंडोले के दर्शन शाम पांच बजे से 5:40 बजे तक किए जा सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें