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जिला जेल में बंदी ने खाया जहरीला पदार्थ

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मैनपुरी। अश्लील वीडियो और फोटो वायरल होने के बाद किशोरी द्वारा आत्महत्या करने के मामले में आरोपी युवक को जेल भेजा गया था। युवक ने आत्महत्या की कोशिश की। बंदी ने जेल में ही जहरीला पदार्थ खा लिया। आनन-फानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर बंदी को सैफई रेफर कर दिया गया।
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कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में 13 अगस्त को दलित किशोरी ने अश्लील वीडियो और फोटो वायरल होने की जानकारी होने के बाद जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी कर ली थी। इस घटना के बाद गांव के ही पांच युवकों के विरुद्ध दुष्कर्म, पॉक्सो, आत्महत्या के लिए प्रेरित करना समेत अन्य गंभीर धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया था। पुलिस ने जांच के दौरान दो शरणदाताओं सहित छह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। वहीं एक आरोपी मोंटी यादव अभी भी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सका है।

दो दिन पूर्व जब पुलिस ने दलित किशोरी आत्महत्या मामले में उमेश को गिरफ्तार किया तो वह रोने लगा था। उसने हाथ जोड़कर पुलिसकर्मियों से कहा कि उसका इस घटना से कोई वास्ता नहीं है। उसकी प्रेमिका मृतका की सहेली थी। अब सवाल उठता है कि उमेश ने आत्मग्लानि के चलते जान देने की कोशिश की या उसने वाकई में कुछ नहीं किया।
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मैनपुरी। जिला कारागार में भले ही अधिकारी त्रैमासिक निरीक्षण करते हैं। जेल प्रशासन सुरक्षा के तमाम बड़े दावे करता है। बावजूद इसके हकीकत कुछ और ही है। कभी जेल से चार बंदी दीवार फांदकर भाग निकलते हैं तो कभी कोई बंदी फांसी लगाकर खुदकुशी कर लेता है।
रविवार की सुबह बंदी उमेश ने जहरीला पदार्थ खाकर जान देने की कोशिश की। सवाल उठता है जिला कारागार में तीन चरणों में तलाशी की प्रक्रिया से आमजन को गुजरना पड़ता है। ऐसे में जहरीला पदार्थ आखिर जिला कारागार में पहुंचा कैसे। अधिकारी दावा करते हैं कि समय-समय पर बैरकों की चेकिंग, बंदियों की तलाशी आदि सभी काम मुस्तैदी के साथ किए जाते हैं।

मैनपुरी। जिला कारागार में वर्तमान समय में बहुचर्चित भाजपा विधायक के हत्याकांड में शामिल कुख्यात अपराधी संजीव उर्फ जीवा बंद है। रविवार को हुई इस घटना ने अब उसकी सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ दिन पूर्व बागपत जेल में माफिया मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद सूबे की जेलों में सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे। वहीं जिला कारागार में जीवा की सुरक्षा बढ़ाने के साथ ही जेल अधिकारियों ने चाक चौबंद व्यवस्था का दावा किया था। रविवार को उमेश के जहर खाने की घटना के बाद सुरक्षा पर सवाल फिर से खड़े हो गए हैं।
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