फिरोजाबाद। ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) से फिरोजाबाद को बाहर करने की खबर से सुहागनगरी के कांच उद्यमियों की नींद उड़ा दी है। उद्यमियों का कहना है कि बड़े औद्योगिक संगठन कांच उद्योग को बंद कराने का षडयंत्र रच रहे हैं। जबकि टीटीजेड से फिरोजाबाद को बाहर करने का अथॉरिटी का कोई अधिकार नहीं है।
वर्ष 1996 से पूर्व फिरोजाबाद में 400 से अधिक कांच इकाइयों का संचालन कोयले से होता था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गैस इकाइयों का संचालन हो रहा है। गैल एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की लंबी-चौड़ी शर्तें के आगे 50 प्रतिशत उद्यमी मैदान छोड़ गए। वर्तमान में 200 चूड़ी एवं ग्लास इकाईयां संचालित हैं। टीटीजेड अथॉरिटी के नए फरमान से उद्यमियों में हड़कंप मच गया है।
जनवरी माह के अंत में हुई टीटीजेड की बैठक में फिरोजाबाद को टीटीजेड से बाहर रखने का मुद्दा उठाया गया। टीटीजेड से बाहर करने के लिए नीरी और आईआईटी कानपुर से जांच कराने की बात कही गई। उद्यमियों का कहना है कि यदि फिरोजाबाद को टीटीजेड से बाहर किया जाता है तो उद्योग को भारी नुकसान होगा। वर्तमान में एमपीए गैस से उद्योग चल रहे हैं। टीटीजेड से बाहर होने पर दोगुनी कीमत वाली गैस का प्रयोग करना होगा। ऐसी स्थिति में उद्योग बंदी के कगार पर पहुंच जाएंगे।