फिरोजाबाद। अल्हाज सूफी सैय्यद अबरार हसन शाह रह. के उर्स के दूसरे दिन चादरपोशी की। देर रात तक कव्वालियाें का दौर चलता रहा।
कव्वाल सगीर बीसलपुरी ने कलाम पढ़ा- नवाजिशों से हमें मालामाल रखते हैं, कदम कदम पे हमारा ख्याल रखते हैं। मासूम रामपुरी ने पढ़ा- मुझे गमजदा देखकर ये बोले हमारा है तू बेसहारा नहीं है। अल्लानूर मिढाकुर ने आप शम्मे रिसालत है परवाने हम, आपके घर से उठकर किधर जाएंगे।
कव्वाल राजा सरफराज रामपुरी ने पढ़ा- सदके तेरी अता पे चमन की बहार है, दुनियां की हर खुशी तेरे रुख पे निसार है। कव्वाल अजीज ताज ग्वालियरी ने पढ़ा- तुम दीन दयालू हो जगमोहन या ख्वाजा हसन या ख्वाजा हसन। शमीम अलीगढ़ी, बाकर रजा,अनवर साबरी, प्यारे फिरोजाबादी सहित अन्य कव्वालों ने भी अपने कलाम पेश किए।
दरगाह पर कुल शरीफ का आयोजन सज्जादा नसीन व मुतवल्ली दरगाहे अबरारी सूफी अंसार हुसैन शाह की अध्यक्षता में हुआ, जिसमें नायब मुतवल्ली व नायब सज्जादा जमील नारिस अबरारी, सज्जादा नसीन सूफी सैय्यद अंसार हुसैन शाह हसनी अबरारी ने आए हुए श्रद्धालुओं के लिए दुआ की।