मैनपुरी। एक अप्रैल 2005 के बाद नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों के वेतन से एनपीएस की कटौती शुरू कर दी गई है। दिसंबर के वेतन से शिक्षकों को इसका लाभ दिया जाएगा। जिले में तीन हजार से अधिक शिक्षकों को नई पेंशन योजना (एनपीएस) से जोड़ा जा रहा है।
एक अप्रैल 2005 के बाद नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना से वंचित कर दिया है। उनके लिए नई पेंशन योजन लागू की गई है। बेसिक विभाग के शिक्षकों को अभी तक न तो पुरानी पेंशन योजना का ही लाभ मिल रहा था और न ही नई।
वर्ष 2017 के शुभारंभ से ही नई पेंशन योजना लागू करने की तैयारियां शुरू की गई थीं। इसके लिए इस योजना के दायरे में आने वाले सभी शिक्षकों से प्रान (पर्मानेंट रिटायरमेंट एकाउंट नंबर) मांगा था। नई पेंशन योजना के दायरे में जिले के तीन हजार से अधिक शिक्षक आते हैं।
शुभारंभ नवंबर के वेतन के साथ किया गया था जिसमें कुछ गिने चुने शिक्षकों के वेतन से ही एनपीएस की कटौती हो सकी थी। लेकिन दिसंबर में जितने शिक्षकों का प्रान नंबर लेखा विभाग में जमा है सभी के वेतन से नई पेंशन योजना की कटौती की जाएगी।
सुल्तानगंज और बरनाहल के खंड शिक्षाधिकारियों ने लेखा विभाग में अभी तक एनपीएस का लाभ लेने वाले शिक्षकों का प्रान नंबर उपलब्ध नहीं कराया है। जिससे इन दो ब्लाकों के शिक्षकों को एनपीएस योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा।
शिक्षक के मूल वेतन और महंगाई भत्ते की 10 प्रतिशत धनराशि एनपीएस के लिए काटी जाएगी। इतना ही रुपया अंशदान के रूप में प्रदेश सरकार शिक्षक के एनपीएस खाते में जमा करेगी।
शासन के निर्देश पर एनपीएस की कटौती शुरू की गई है। एक अप्रैल 2005 के बाद नियुक्ति पाने वाले सभी शिक्षकों-कर्मचारियों को इस योजना का लाभ दिया जाएगा।
- अनिल कुमार शर्मा, लेखाधिकारी