मथुरा। जवाहर बाग कब्जाधारियों पर चल रहे अलग-अलग मुकदमों में सोमवार को अलग-अलग जेलों से आए करीब 100 आरोपी अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में पेश हुए। इस दौरान दो आरोपियों ने न्यायालय से गुहार लगाई कि वह चल फिर नहीं पाते है, उनकी पेशी जेल में ही कर ली जाए।
जवाहर बाग में आलू खुदाई के दौरान हमले के मामले में पुलिस ने कुंवर सिंह और देवी सिंह को पेश किया। दोनों ही गवाहों ने न्यायालय में कहा कि वह रामवृक्ष यादव को जानते हैं और किसी को नहीं। इधर, तहसील हमले में गवाह नदीम ने कोर्ट को बताया कि वह घटना के समय वहां था ही नहीं। पुलिस ने उसके बयान गलत दर्ज किए है। इसके अलावा चंद्रमोहन मीणा ने कुछ नाम लिए लेकिन उन्हें पहचानने से इंकार कर दिया।
न्यायालय में वृद्ध आरोपी दयाशंकर और पैर में चोट से परेशान श्रीराम ने गुहार लगाई कि वह अब चल फिर नहीं पाते, ऐसे में उनकी पेशी जेल में ही कर ली जाए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता एलके गौतम ने बताया सोमवार को सुल्तानपुर, कानपुर, आगरा, अलीगढ़, मथुरा की जेलों से आरोपियों की पेशी हुई।
एसपी मर्डर केस की पेशी पर आए आरोपी
मथुरा। एसपी और एसओ के मर्डर केस में जवाहर बाग के कब्जेधारी अनूप, प्रेचमंद सहित कई आरोपियों को अपर सत्र न्यायालय महेंद्र नाथ की अदालत मे पेश किया गया। इसमें सुनवाई की अगली तिथि 8 जनवरी तय की गई है।