ब्रज क्षेत्र के कम से कम 50 अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर धड़ल्ले से लिंग भ्रूण परीक्षण किया जा रहा है। इनमें सबसे ज्यादा 20 सेंटर ताजनगरी के हैं। चार शहर के यमुनापार इलाके में है। इनमें भी दो ऐसे हैं जिनके संचालक इसी करतूत में दूसरी जगहों पर पहले पकड़े जा चुके हैं। यह सटीक जानकारी राजस्थान पुलिस को उन डाक्टरों और दलालों से लंबी पूछताछ में मिली है, जो हाल ही में रंगे हाथों पकड़े गए हैं। इन सेंटरों पर छापामारी का प्लान तैयार है। जल्द ही कार्रवाई की जा सकती है।
बता दें, राजस्थान पुलिस ने डमी पेशेंट के जरिए आगरा, फीरोजाबाद, मैनपुरी और मथुरा के अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आगरा के एमजी रोड गोकुलपुरा से डाक्टर अमित गुप्ता और फतेहपुर सीकरी से डा. सलीम को गिरफ्तार किया था।
पिछले दो महीनों में 15 से ज्यादा दलाल पकड़े गए हैं । राजस्थान पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि इनसे पूछताछ में ही यह जानकारी मिली है। इन सेंटरों पर राजस्थान के भरतपुर, बीकानेर, अलवर, जयपुर की गर्भवती महिलाएं भ्रूण लिंग परीक्षण करा रही हैं। इसकी जानकारी आगरा प्रशासन को दी जा चुकी है। फिर भी यहां से कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा। बता दें, अभी तक सभी डमी टेस्ट राजस्थान पुलिस ने किए हैं।
बेटी बताए जाने पर एबॉर्शन करा लिया जाता है। इस तरह कन्याओं के भ्रूण की हत्या भी की जा रही है। परीक्षण के 20 से 30 हजार रुपये तक लिए जा रहे हैं। दो तीन सेंटर तो ऐसे लोग चला रहे हैं जो पूर्व में राजस्थान में पकड़े जा चुके हैं। जमानत पर छूटने के बाद नाम बदलकर इन्होेंने ब्रज क्षेत्र में सेंटर खोल लिए हैं।
राजस्थान के पीसीपीएनडीटी थाना से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि इन सेंटरों पर कार्रवाई इतनी आसान नहीं है कि इन्हें किसी के बयान के आधार पर पकड़ा जा सके। दरअसल, ये लोग भ्रूण लिंग परीक्षण की लिखित रिपोर्ट नहीं देते हैं बल्कि कोड में बताते हैं। वह भी सिर्फ मौखिक। ऐसे में डमी टेस्ट के माध्यम से ही जाल बिछाया जा सकता है।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर समय-समय पर छापामारी की जाती है। राजस्थान प्रशासन से समन्वय स्थापित किया गया है। वहां की इंटेलिजेंस की रिपोर्ट मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी
- गौरव दयाल ( जिलाधिकारी आगरा )
स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। पिछले साल तीन सेंटरों के लाइसेंस निरस्त कि ए गए हैं। अभी भी कुछ सेंटर चिह्नित कर लिए गए हैं। जल्द ही इन पर भी कार्रवाई की जाएगी - बीएस यादव (सीएमओ, आगरा)
बेटियों को बचाने के लिए आईएमए खुद जागरूकता अभियान चला रहा है। लिंग भ्रूण जांच में कोई चिकित्सक संलग्न पाया जाता है तो उसका संस्था बहिष्कार करेगी।
- डा. आरएस कपूर, अध्यक्ष आईएमए