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UP: सरकारी याेजना में ऋण दिलाने का झांसा, 50 लोगों को ठगा...यूपीआई से इसलिए जमा कराए 8-8 हजार रुपये

Mon, 20 Jan 2025 09:18 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

कैफे संचालक ने 50 लोगों को सरकारी याेजना में ऋण दिलाने का झांसा देकर जाल में फंसा लिया। सभी से यूपीआई के माध्यम से 8-8 हजार रुपये जमा कराए। रकम मिलते ही वो फरार हो गया। 

 
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फ्रॉड। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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डूडा से स्वरोजगार के लिए दो लाख रुपये का ऋण दिलाने के नाम पर एक साइबर कैफे संचालक ने 50 लोगों से 6 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपी ने ब्याज नहीं लगने का झांसा दिया था। यूपीआई से 8-8 हजार रुपये प्रत्येक व्यक्ति से ले लिए। ऋण नहीं मिलने पर जब लोग उसके घर पहुंचे तो आरोपी ताला लगाकर फरार हो गया। मामले में थाना सदर में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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सदर क्षेत्र के नगला जस्सा निवासी पिंकी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 1 साल पहले कोटली बगीची में एक कार्यक्रम के दौरान उनकी मुलाकात नगला बूढ़ी निवासी साकेत से हुई थी। उसने खुद को साइबर कैफे संचालक बताया। एक दिन साकेत ने फोन किया। कहा कि डूडा से स्वरोजगार के लिए बगैर ब्याज के 2 लाख रुपये का ऋण मिल रहा है। बस 8 हजार रुपये का खर्च करना होगा। उसने

साकेत को यूपीआई से 8 हजार रुपये का भुगतान कर दिया। आधार-पैनकार्ड और पहचानपत्र व्हाट्सएप नंबर पर ले लिए। पिंकी ने योजना के बारे में बताकर करीब 50 और लोगों से 8-8 हजार रुपये दिलाए। कुछ और लोगों से उसने इसी तरह से 2 लाख रुपये ले लिए। किसी को ऋण नहीं दिलाया। 6 अक्तूबर 2024 को लोग आरोपी के घर पहुंचे। मगर, वह घर में नहीं मिला।
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परिवार सहित हो गया फरार
आरोप है कि 6 अक्तूबर 2024 को जब लोग साकेत घर गए तो उसके पिता राजू उर्फ राजेंद्र सिंह और पत्नी सीमा मिली। उन्होंने कहा कि अगर, साकेत रकम नहीं देता तो वह दे देंगे। अगले दिन जब लोग फिर से उसके घर गए तो ताला लगा मिला। फोन भी स्विच ऑफ कर लिए हैं।

स्वरोजगार के लिए मिलता है ऋण, नहीं देनी होती ब्याज
जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के परियोजना अधिकारी मुनीश राज ने बताया कि विभाग की ओर से स्वरोजगार योजना के तहत आवेदन करने वालों को 2 लाख रुपये तक का ऋण दिलाया जाता है। आवेदक की सभी कागजी कार्रवाई पूरी होने पर बैंक को पत्रावली भेज दी जाती हैं। इस ऋण पर 7 प्रतिशत से अधिक ब्याज विभाग की ओर से दी जाती है। ऋण के नाम पर अगर कोई रकम की मांग करता है तो नगर निगम स्थित विभाग के कार्यालय में शिकायत की जा सकती है। इस पर पुलिस कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने खाते कराए सीज, आरोपी दिल्ली फरार
एसीपी सदर विनायक भोसले ने बताया कि पिंकी और ललिता ने शिकायत की थी। मामला सही मिलने पर डीसीपी सिटी के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी फरार है। उसके हरीपर्वत स्थित बैंक के खाते को फ्रीज करा दिया गया है। उसमें 2.13 लाख रुपये जमा है। गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। आरोपी के दिल्ली में छिपे होने की सूचना पर पुलिस टीम भेजी गई है।
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